New Delhi News: राहुल गांधी सहित कांग्रेस नेता भले ही अदाणी समूह के विस्तार को लेकर केंद्र सरकार पर लगातार हमले बोलते रहे हों, लेकिन गैर-भाजपा शासित राज्यों में समूह का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। अदाणी समूह इन राज्यों में सड़क, बंदरगाह, बिजली, सीमेंट और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में लगभग 5 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है।
कांग्रेस शासित कर्नाटक में अदाणी एंटरप्राइजेज ने बेंगलुरु के हेब्बाल से सेंट्रल सिल्क बोर्ड को जोड़ने वाली 16.75 किलोमीटर लंबी टनल रोड प्रोजेक्ट के लिए सबसे कम बोली लगाई है। राज्य में समूह पहले से ही 1200 मेगावाट का उडुपी पावर प्लांट और मंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट संचालित कर रहा है, जिससे इसकी मौजूदगी लगातार मजबूत हो रही है।
दक्षिण भारतीय राज्यों में बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम जारी
केरल में अदाणी पोर्ट्स ने विझिनजम इंटरनेशनल पोर्ट विकसित किया है। यह प्रोजेक्ट पिछली वाम मोर्चा सरकार के समय शुरू हुआ था और कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार में आगे बढ़ा। इसके अलावा समूह तिरुवनंतपुरम इंटरनेशनल एयरपोर्ट का संचालन करता है और कोच्चि में 600 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले लॉजिस्टिक्स पार्क पर भी काम कर रहा है।
तेलंगाना की कांग्रेस सरकार ने जनवरी 2024 में अदाणी समूह की कंपनियों के साथ 12,400 करोड़ रुपये के निवेश के चार एमओयू साइन किए थे। वहीं तमिलनाडु में एमके स्टालिन सरकार के कार्यकाल के दौरान समूह ने 42,700 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश समझौते किए थे, जहां कांग्रेस सत्तारूढ़ गठबंधन का प्रमुख हिस्सा रही है।
हिमाचल प्रदेश में सप्लाई चेन और सीमेंट कारोबार
कांग्रेस शासित हिमाचल प्रदेश में भी अदाणी समूह स्थानीय सेब उत्पादकों और किसानों के लिए फ्रूट सप्लाई चेन विकसित करने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इसके साथ ही समूह राज्य के सीमेंट सेक्टर में भी बड़े स्तर पर अपने प्लांट और संबंधित कारोबार का संचालन कर रहा है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिल रही है।
राजनीतिक बयानों और विरोध के बावजूद गैर-भाजपा और कांग्रेस शासित राज्यों में अदाणी समूह की लगातार बढ़ती मौजूदगी यह दर्शाती है कि राज्य सरकारें औद्योगिक निवेश, रोजगार और इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास को राजनीतिक मतभेदों से अलग रखकर प्राथमिकता दे रही हैं। इन परियोजनाओं से राज्यों में बुनियादी ढांचे को सीधा फायदा मिल रहा है।