Sri Ganganagar News: राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में रामसिंहपुर क्षेत्र के 50 जीबी के पास रेलवे ट्रैक पर हुए ब्लास्ट के बाद सूरतगढ़-अनूपगढ़ रेल सेक्शन पर ट्रेनों की आवाजाही दोबारा शुरू हो गई है। रेलवे सुरक्षा विभाग से तकनीकी मंजूरी मिलने के बाद ट्रैक को चालू किया गया। वहीं पुलिस, एटीएस और सीआईडी सहित कई जांच एजेंसियां मौके से साक्ष्य जुटाकर पूरे मामले की गहराई से तफ्तीश कर रही हैं।
राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में सूरतगढ़-अनूपगढ़ रेलखंड पर हुए विस्फोट के बाद प्रभावित रेल यातायात पूरी तरह बहाल कर दिया गया है। रामसिंहपुर क्षेत्र के 50 जीबी के पास क्षतिग्रस्त हुए रेलवे ट्रैक की मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया है। रेलवे संरक्षा विभाग से आवश्यक सुरक्षा मंजूरी (क्लियरेंस) मिलने के बाद इस रूट पर ट्रेनों का संचालन सुचारू रूप से शुरू किया गया।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) अमित सुदर्शन ने इस रेल सेक्शन पर यातायात बहाल होने की आधिकारिक पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि ट्रैक की आवश्यक मरम्मत और संरक्षा परीक्षण पूरा होने के बाद ट्रेनों का संचालन फिर से शुरू किया गया है, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिली है।
पैसेंजर ट्रेन गुजरने के बाद हुआ था विस्फोट
घटनाक्रम के अनुसार, मंगलवार रात सूरतगढ़-अनूपगढ़ रेल सेक्शन पर रामसिंहपुर के 50 जीबी के नजदीक रेलवे ट्रैक पर अचानक जोरदार धमाका हुआ। यह ब्लास्ट एक पैसेंजर ट्रेन के वहां से गुजरने के ठीक बाद हुआ, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। विस्फोट की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन, स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। एहतियात के तौर पर रेलवे अधिकारियों ने तुरंत इस रूट पर ट्रेनों का संचालन रोक दिया और कुछ गाड़ियों को रद्द कर दिया। इसके बाद तकनीकी टीमों ने मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त पटरी की मरम्मत का कार्य शुरू किया।
अज्ञात आरोपियों पर मुकदमा, आईपीएस नितिन चौधरी को सौंपी गई कमान
रेलवे प्रशासन की शिकायत पर रामसिंहपुर पुलिस थाने में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पूरे मामले की जांच श्रीगंगानगर सीओ सिटी आईपीएस नितिन चौधरी को सौंपी गई है।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इलाके से कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। हालांकि, विस्फोट के पीछे किस संगठन या व्यक्ति का हाथ है और इसके पीछे की मुख्य मंशा क्या थी, इस संबंध में जांच एजेंसियों ने अभी कोई आधिकारिक खुलासा नहीं किया है।
एटीएस, सीआईडी और बम निरोधक दस्ते ने जुटाए साक्ष्य
घटनास्थल का निरीक्षण बम निरोधक दस्ते (बीडीडीएस), आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस), सीआईडी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने किया है। इन विशेष टीमों ने मौके से बारूद के अवशेष और अन्य तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए हैं।
जांच दल इस बात का पता लगाने में जुटे हैं कि विस्फोट में किस प्रकार की सामग्री और तकनीक का इस्तेमाल किया गया था। फिलहाल ट्रेनों का आवागमन सामान्य हो गया है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।