राजस्थान में कर संग्रह का बना नया रिकॉर्ड, अक्टूबर में जुटाए 7,047 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक राजस्व

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Jaipur News: राजस्थान ने कर संग्रह के क्षेत्र में नया इतिहास रचते हुए अक्टूबर 2026 में जीएसटी और वैट से 7,047.27 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व प्राप्त किया है। जुलाई 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद यह राज्य में एक महीने का सर्वाधिक आंकड़ा है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार राजस्व में 743.39 करोड़ रुपये यानी लगभग 11.79 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

राजस्थान में कर संग्रहण के मामले में नया कीर्तिमान स्थापित हुआ है। राज्य कर विभाग के अनुसार, प्रदेश में अक्टूबर 2026 के दौरान वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) और मूल्य वर्धित कर (वैट) से कुल 7,047.27 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है। जुलाई 2017 में देश में जीएसटी व्यवस्था लागू होने के बाद किसी भी एक महीने में राज्य सरकार द्वारा जुटाया गया यह अब तक का सबसे अधिक राजस्व है।

मार्च 2026 का पिछला रिकॉर्ड पीछे छूटा

अक्टूबर महीने में प्राप्त राजस्व ने इसी वर्ष मार्च 2026 में बने 6,826.60 करोड़ रुपये के पिछले उच्चतम रिकॉर्ड को भी पार कर लिया है। राज्य ने अपने पुराने रिकॉर्ड में 220.67 करोड़ रुपये का इजाफा करते हुए यह नई उपलब्धि हासिल की है। विभाग के अनुसार, अधिकारियों को राजस्व प्राप्ति के स्पष्ट लक्ष्य दिए जाने और उनकी निरंतर निगरानी के चलते यह सफलता मिली है।

पिछले साल की तुलना में 11.79 प्रतिशत की बढ़ोतरी

अक्टूबर 2025 में राजस्थान को जीएसटी और वैट मद में 6,303.88 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे। इसकी तुलना में अक्टूबर 2026 में यह राशि बढ़कर 7,047.27 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। इस प्रकार एक वर्ष के अंतराल में अक्टूबर महीने के राजस्व संग्रहण में 743.39 करोड़ रुपये की शुद्ध बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो प्रतिशत के आधार पर 11.79 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है।

सात महीनों में कुल राजस्व 44 हजार करोड़ के पार

चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले सात महीनों (अप्रैल से अक्टूबर 2026) के दौरान प्रदेश में कुल 44,034.09 करोड़ रुपये का जीएसटी और वैट राजस्व एकत्र किया जा चुका है। कर विभाग के अनुसार, कर अपवंचन (टैक्स चोरी) पर प्रभावी रोकथाम, करदाताओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने और नियमों के अनुपालन को सुगम बनाने से राजस्व के आंकड़ों में निरंतर सुधार आ रहा है।

विभागीय समीक्षा और विकास योजनाओं को मजबूती

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर कर विभाग के कामकाज की नियमित समीक्षा की जा रही है। प्रमुख शासन सचिव (कर) के स्तर पर राजस्व लक्ष्यों और अधिकारियों की कार्यप्रणाली की निगरानी की जा रही है। सरकार का ध्यान कर प्रणाली को पारदर्शी बनाने और करदाताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान पर है। राजस्व आधार मजबूत होने से राज्य सरकार को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और ढांचागत विकास कार्यों के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन जुटाने में सीधी मदद मिलेगी।

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