Jaipur News: न्यूज18 इंडिया के डायमंड स्टेट समिट में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार अपने चुनावी संकल्प पत्र के 78 प्रतिशत वादे पूरे कर चुकी है। उन्होंने युवाओं को रोजगार, पानी की समस्या के समाधान के लिए हुए अंतरराज्यीय समझौतों और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत की गई कार्रवाइयों का विस्तार से ब्योरा दिया।
न्यूज18 इंडिया के डायमंड स्टेट समिट में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य सरकार के कामकाज, विकास योजनाओं और प्रशासनिक प्राथमिकताओं पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने दावा किया कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा द्वारा जारी संकल्प पत्र के 78 प्रतिशत वादे अब तक धरातल पर उतारे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने सभी वर्गों के सुझावों को ध्यान में रखते हुए समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी है। अपनी पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी की आंतरिक लोकतांत्रिक व्यवस्था के कारण ही एक साधारण किसान परिवार से आने वाले व्यक्ति को प्रदेश के आठ करोड़ नागरिकों की सेवा करने का अवसर मिला है।
रोजगार, आर्थिक स्थिति और अगले दो साल की कार्ययोजना
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने युवाओं को चार लाख सरकारी नौकरियां देने का लक्ष्य रखा था, जिसमें से 1 लाख 93 हजार पदों पर नियुक्तियां दी जा चुकी हैं और शेष पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। बाड़मेर रिफाइनरी के माध्यम से भी स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे। उन्होंने आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यभार संभालने के समय राज्य की प्रति व्यक्ति आय 1 लाख 34 हजार रुपये थी, जो अब बढ़कर 2 लाख 5 हजार रुपये हो गई है। प्रदेश में 85 प्रकार के खनिज और प्रचुर कृषि संपदा उपलब्ध है, जिसका उपयोग राज्य के विकास को गति देने के लिए किया जा रहा है।
राइजिंग राजस्थान पहल पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि निवेश प्रस्तावों को कागजों तक सीमित न रखकर धरातल पर उतारा जा रहा है। वर्तमान में राज्य में करीब 9 लाख करोड़ रुपये के निवेश से जुड़े कार्य प्रगति पर हैं।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति
प्रशासनिक जवाबदेही और भ्रष्टाचार पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जीरो टॉलरेंस की नीति सख्ती से लागू है। अब तक लगभग 700 कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है, 20 कार्मिकों की पूरी पेंशन रोकी गई है और कई दोषी कर्मियों को सेवा से बर्खास्त किया गया है। कई मामलों में कानूनी कार्रवाई करते हुए दोषियों को जेल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार में शामिल किसी भी व्यक्ति के भ्रष्टाचार में संलिप्त पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पानी और बिजली संकट के स्थायी समाधान पर जोर
राजस्थान में जल संकट के समाधान के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने चार बड़े समझौतों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि सरकार बनने के एक महीने के भीतर मध्य प्रदेश के साथ पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) पर सहमति बनी। इसके बाद हरियाणा के साथ यमुना जल समझौते और नर्मदा जल वितरण को लेकर सहमति बनी। इसके अलावा छह राज्यों के बीच किसाऊ बांध परियोजना का समझौता पूरा किया गया। भूजल संरक्षण के लिए चलाए जा रहे ‘कर्मभूमि से मातृभूमि तक’ अभियान के तहत प्रवासी राजस्थानियों द्वारा गांवों को गोद लिया गया है, जहां 250 करोड़ रुपये की लागत से छोटे-बड़े बांध और जल संचयन ढांचे बनाए जा रहे हैं।
ऊर्जा क्षेत्र की स्थिति स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि ढाई साल के कार्यकाल में 12,500 मेगावॉट अतिरिक्त बिजली उत्पादन क्षमता जोड़ी गई है, जबकि पिछली कांग्रेस सरकार ने पांच वर्षों में लगभग 3,250 मेगावॉट का ही इजाफा किया था। वर्तमान में 27 जिलों में किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जा रही है और वर्ष 2027 तक पूरे प्रदेश के किसानों को दिन में बिजली देने का लक्ष्य निर्धारित है।
राजनीतिक परंपरा और विपक्ष पर टिप्पणी
राजस्थान में प्रत्येक पांच वर्ष में सरकार बदलने की परंपरा पर पूछे गए सवाल के उत्तर में मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार की लोककल्याणकारी नीतियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के आधार पर इस बार भाजपा सत्ता में वापसी करेगी। वहीं विपक्ष के संदर्भ में बोलते हुए उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के समय पेपर लीक, जल संकट और प्रशासनिक अव्यवस्थाओं से जनता परेशान थी, जिसे मौजूदा सरकार ने प्राथमिकता से दूर करने का प्रयास किया है।