Chamoli News: बदरीनाथ से देहरादून लौटते समय पांडुकेश्वर की दुर्गम पहाड़ियों में दुर्घटनाग्रस्त हुए हेलीकॉप्टर की जांच के लिए बुधवार को जांच दल दोबारा मौके पर पहुंचने का प्रयास करेगा। अत्यधिक दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और प्राकृतिक झरने के तेज बहाव को देखते हुए प्रशासन से विशेष उपकरण मांगे गए हैं।
उत्तराखंड के चमोली जिले में पांडुकेश्वर की पहाड़ियों पर हुए हेलीकॉप्टर हादसे की विस्तृत जांच के लिए बुधवार को जांच दल एक बार फिर मौके पर पहुंचने की कोशिश करेगा। दुर्घटनास्थल की विकट भौगोलिक परिस्थितियों के कारण अब तक जांच दल वहां नहीं पहुंच सका है, जिसके चलते अब विशेष और तकनीकी उपकरणों की मदद से टीम को आगे भेजने की तैयारी की गई है।
बदरीनाथ धाम से देहरादून वापस लौट रहा हेलीकॉप्टर पांडुकेश्वर की पहाड़ियों में हादसे का शिकार हो गया था। दुर्घटना के बाद सेना, एसडीआरएफ (SDRF) और एनडीआरएफ (NDRF) के प्रशिक्षित जवानों ने कड़ी मशक्कत कर सभी शवों को निकाला और कानूनी औपचारिकताओं के बाद उनके परिजनों को सौंप दिया था।
दुर्गम क्षेत्र और तेज बहाव बना जांच में बाधा
हादसे के तकनीकी कारणों की जांच के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) का संयुक्त दल पहुंचा हुआ है, लेकिन अभी तक दुर्घटनास्थल तक नहीं पहुंच सका है।
जिस पहाड़ी क्षेत्र में हेलीकॉप्टर गिरा है, वहां की भौगोलिक स्थिति बेहद दुर्गम और खड़ी ढलान वाली है, जहां पैदल पहुंचना बेहद जोखिम भरा है। इसके अलावा मार्ग में बह रहे एक प्राकृतिक झरने में पानी का तेज बहाव होने के कारण जांच टीमों को आगे बढ़ने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
यूकाडा ने जिला प्रशासन से मांगे विशेष उपकरण
जांच में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) ने चमोली जिला प्रशासन से संपर्क किया है। यूकाडा ने जांच दलों को सुरक्षित रूप से दुर्घटनाग्रस्त क्षेत्र तक पहुंचाने के लिए मजबूत और विशेष ट्रेकिंग व रेस्क्यू उपकरण उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
प्रशासन द्वारा जरूरी सुरक्षा संसाधन और उपकरण मुहैया कराए जाने के बाद, बुधवार को जांच दल एक बार फिर विशेषज्ञ जवानों के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर ब्लैक बॉक्स और मलबे की पड़ताल करने की कोशिश करेगा।