Dhar News: ऐतिहासिक भोजशाला विवाद मामले में 29 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली अंतरिम सुनवाई पर मंदिर पक्ष की गहरी नजर बनी हुई है। प्रशासन द्वारा नमाज के लिए सुझाए गए वैकल्पिक स्थानों पर मुस्लिम पक्ष की असहमति के बाद मंदिर पक्ष ने भी अपनी कानूनी तैयारी पूरी तरह से तेज कर दी है।
सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम निर्देशों के बाद बढ़ा विवाद
मुस्लिम पक्ष ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच के 15 मई के आदेश को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है। 14 जुलाई की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए स्थानीय प्रशासन को हर शुक्रवार दोपहर एक से तीन बजे के बीच भोजशाला के पास नमाज के लिए उचित जगह देने के निर्देश जारी किए थे।
शीर्ष अदालत के आदेश के पालन में प्रशासन ने सबसे पहले 40 पीर (मालीवाड़ा) जगह का चयन किया था। इसके बाद डिस्टिलरी रोड और वन विभाग की जमीन पर दो अन्य वैकल्पिक जगहें तैयार की गईं। हालांकि, इन सभी स्थानों को लेकर दोनों पक्षों के बीच अब तक कोई सहमति नहीं बन सकी है।
फ्रंट फॉर जस्टिस के जिलाध्यक्ष और याचिकाकर्ता आशीष गोयल ने बताया कि संगठन की ओर से वरिष्ठ वकील विष्णु शंकर जैन सुप्रीम कोर्ट में मौजूद रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन के वैकल्पिक स्थानों पर मुस्लिम पक्ष की आपत्तियों पर उनकी पूरी नजर है और कोर्ट के रुख के हिसाब से अगली रणनीति बनाई जाएगी।
5 अगस्त की अंतिम सुनवाई पर भी रहेगा मुख्य फोकस
मंदिर पक्ष का कहना है कि बुधवार की सुनवाई मुख्य रूप से अंतरिम व्यवस्था और 31 जुलाई की नमाज की तैयारियों पर केंद्रित रहेगी। इसके बाद 5 अगस्त को होने वाली अंतिम सुनवाई में भोजशाला के मूल स्वरूप, पूजा के अधिकार और अन्य कानूनी बिंदुओं पर विस्तार से दलीलें दी जाएंगी, जिसकी तैयारी लगभग पूरी है।