Delhi News: कथित शराब घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अनवर ढेबर को अंतरिम जमानत देते हुए राहत प्रदान की है। अदालत ने साफ कर दिया कि यह राहत कुछ सख्त शर्तों के साथ ही प्रभावी होगी। ताकि जांच प्रक्रिया किसी भी तरह से प्रभावित न हो। कानून के अनुसार आगे बढ़ती रहे। अनवर ढेबर को राज्य से बाहर निवास करना होगा। जांच एजेंसियों को सहयोग करना होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अंतरिम जमानत की अवधि के दौरान अनवर ढेबर छत्तीसगढ़ में नहीं रहेंगे। उन्हें राज्य से बाहर निवास करना होगा। जिस स्थान पर वे रहेंगे उसका पूरा पता अपना सक्रिय मोबाइल नंबर जांच एजेंसियों तथा संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराना होगा। यदि जांच एजेंसी को किसी भी समय उनकी जरूरत पड़े तो उन्हें सहयोग करना होगा।
सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने कहा कि किसी भी आपराधिक मामले में दो बातों का समान रूप से ध्यान रखा जाना चाहिए। एक ओर व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता संविधान द्वारा संरक्षित अधिकार है। वहीं दूसरी ओर निष्पक्ष प्रभावी जांच भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। अदालत ने कहा कि न्यायालय का प्रयास इन दोनों के बीच संतुलन बनाए रखना है।
गोपनीय जानकारी लीक की भी होगी जांच
मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू पर भी टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि हाई कोर्ट से जुड़ी कथित गोपनीय जानकारी सामने आने के मामले की भी जांच की जाएगी। कोर्ट ने संकेत दिया कि यदि न्यायिक प्रक्रिया से संबंधित गोपनीय सूचनाओं के लीक होने का मामला सामने आया है तो उसकी स्वतंत्र रूप से पड़ताल आवश्यक है।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अनवर ढेबर को अंतरिम जमानत का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब वे ट्रायल कोर्ट के समक्ष निर्धारित शर्तों के अनुसार बॉन्ड भरेंगे। अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी करेंगे। इसके बाद ही उनकी रिहाई की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। शराब घोटाले से जुड़े मामले की जांच अन्य कानूनी कार्यवाही पहले की तरह जारी रहेगी।