Delhi News: भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख जनरल विश्वनाथ नारायण शर्मा का 96 वर्ष की आयु में नई दिल्ली में निधन हो गया। वह देश के 14वें थल सेनाध्यक्ष थे। कांगड़ा के पालमपुर निवासी जनरल शर्मा भारत के पहले परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा के छोटे भाई थे। उनके निधन पर कई दिग्गजों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
जनरल वी. एन. शर्मा का संबंध हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के पालमपुर स्थित डाढ गांव से था। उन्होंने भारतीय सेना में अपने लंबे और गौरवशाली करियर के दौरान कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। उनके उत्कृष्ट नेतृत्व, अनुशासित जीवन और निस्वार्थ देशसेवा के योगदान को रक्षा विशेषज्ञ और देशवासी हमेशा सम्मान के साथ याद रखेंगे।
सैन्य सेवा की गौरवशाली परंपरा से जुड़ा था शर्मा परिवार
धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा ने पूर्व सेना प्रमुख के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि जनरल शर्मा ने पूरी निष्ठा और समर्पण से देश की सेवा की। वह देश के पहले परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा के सबसे छोटे भाई थे। इस परिवार ने भारतीय सेना को कई बड़े सैन्य अधिकारी दिए हैं।
उनके पिता मेजर जनरल अमर नाथ शर्मा सेना में डायरेक्टर मेडिकल सर्विसेज रहे थे। उन्हें डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक पद का प्रस्ताव भी मिला था। हालांकि, उन्होंने राष्ट्र सेवा को प्राथमिकता देते हुए इस अंतरराष्ट्रीय पद को स्वीकार नहीं किया था। पूरा परिवार हमेशा देश की सेवा के प्रति समर्पित रहा।
जनरल शर्मा के बड़े भाई भी सेना में इंजीनियर-इन-चीफ रहे, जिनकी उम्र 103 वर्ष है। वहीं उनकी बहन ने आर्मी मेडिकल कॉर्प्स में ब्रिगेडियर के पद पर सेवाएं दीं। सैन्य सेवा की सर्वोच्च परंपराओं को कायम रखने वाले इस परिवार के योगदान को देश कभी नहीं भूल सकता। उनके निधन पर सेना में शोक है।
1947 के युद्ध में शहीद हुए थे मेजर सोमनाथ शर्मा
उनके बड़े भाई मेजर सोमनाथ शर्मा ने 3 नवंबर 1947 को पाकिस्तानी हमलावरों का डटकर सामना किया था। हाथ में फ्रैक्चर होने के बावजूद वह युद्ध मैदान में डटे रहे और गोलियां भरते रहे। मोर्टार हमले में शहीद होने के बाद सरकार ने 21 जून 1950 को उन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र दिया था।
मुख्यमंत्री सुक्खू और रक्षा मंत्री ने प्रकट किया गहरा शोक
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी उनके निधन पर संवेदनाएं व्यक्त कीं। सीएम सुक्खू ने कहा कि जनरल शर्मा के कुशल नेतृत्व ने सेना की परंपराओं को नई ऊंचाइयां दीं। देश उनके इस योगदान का हमेशा ऋणी रहेगा। भगवान दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे।