Delhi News: देश भर में हुए भारी विरोध प्रदर्शनों के बाद केंद्र सरकार परीक्षा कानूनों को अधिक कड़ा करने जा रही है। पेपर लीक रोकने वाले दो साल पुराने कानून में संशोधन के लिए आज लोकसभा में नया बिल पेश किया जाएगा। एनडीए ने इस चर्चा में युवाओं को आगे रखने की योजना बनाई है।
पेपर लीक के दोषियों को मिलेगी 10 साल तक की सख्त सजा
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026 को लोकसभा के पटल पर रखेंगे। नए नियमों के तहत परीक्षा में धांधली करने पर 5 से 10 साल की जेल और 50 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। वहीं संगठित गिरोहों के शामिल होने पर 10 करोड़ रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा।
त्वरित सुनवाई के लिए गठित किए जाएंगे विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट
मामलों के जल्द निपटारे के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे, जो दो महीने के भीतर फैसला सुनाएंगे। सरकार ने नए कानून में पेपर लीक, ओएमआर शीट में गड़बड़ी, फर्जी वेबसाइट और नकली एडमिट कार्ड बनाने समेत कुल 15 तरह के कृत्यों को अपराध की श्रेणी में शामिल किया है। इससे पहले अधिकतम सजा केवल 5 साल थी।
बिल पर चर्चा के लिए एनडीए ने उतारी युवा सांसदों की टीम
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सभी विपक्षी दलों से शांतिपूर्ण चर्चा की अपील की है। एनडीए की तरफ से भाजपा, टीडीपी, शिवसेना, एनसीपी, जेडीयू और लोजपा के 9 सांसद बहस में हिस्सा लेंगे। इनमें बांसुरी स्वराज, तेजस्वी सूर्या और टीएमसी की सायनी घोष जैसे युवा चेहरे अपनी बात सदन के सामने रखेंगे।
नीट विवाद के बाद बनी नंदन नीलेकणि की अगुवाई में टास्क फोर्स
नीट परीक्षा से जुड़े विवादों के बाद पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से इस्तीफा देना पड़ा था। सरकार ने परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने के लिए इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में टास्क फोर्स बनाई है। आज नए शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी प्रश्नकाल के दौरान शिक्षा संबंधी प्रश्नों के उत्तर देंगे।