Tehran News: पश्चिम एशिया में जारी भीषण तनाव के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने लेबनान के हिजबुल्लाह गुट की जमकर तारीफ की है। उन्होंने एक विशेष संदेश जारी कर अमेरिका को स्पष्ट चेतावनी दी कि लेबनान में इजरायली हमलों को पूरी तरह रोके बिना कोई युद्धविराम समझौता संभव नहीं है।
एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस नेटवर्क की मुख्य ताकत है हिजबुल्लाह
हिजबुल्लाह ईरान समर्थित एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस नेटवर्क का एक बेहद अहम हिस्सा माना जाता है। यह नेटवर्क पश्चिम एशिया में अमेरिका और इजरायल से मुकाबला करने के लिए गठित किया गया है। ईरान इस समूह के लड़ाकों को आर्थिक मदद, घातक हथियार और सैन्य ट्रेनिंग प्रदान करता है, जो उसके लिए प्रतिबद्ध रहते हैं।
जिहाद और प्रतिरोध के जरिए ही मिलेगी अंतिम जीत: खामेनेई
सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी कर मोजतबा खामेनेई ने हिजबुल्लाह की भूमिका को ऐतिहासिक और अभूतपूर्व बताया। उन्होंने कहा कि इजरायल के खिलाफ जंग में अब केवल जिहाद का रास्ता ही बचा है। ईरानी नेता ने लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता और हिजबुल्लाह लड़ाकों की सुरक्षा को अपनी सरकार का सबसे मुख्य दायित्व घोषित किया।
सुप्रीम लीडर ने इजरायल के खिलाफ मोर्चे पर डटे हिजबुल्लाह को एक विशाल और अटूट चट्टान करार दिया। उन्होंने संगठन के पूर्व प्रमुख सैयद हसन नसरल्लाह सहित अन्य शहीद कमांडरों को श्रद्धांजलि दी। खामेनेई ने कहा कि लड़ाकों के निरंतर बलिदान ने इस संगठन को एक छोटे पौधे से विशाल व मजबूत वृक्ष बना दिया है।
लेबनान और अमेरिका के शीर्ष नेताओं के बीच हुई अहम बातचीत
ईरानी नेता का यह कड़ा रुख अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन के बीच वाइट हाउस में हुई महत्वपूर्ण बैठक के तुरंत बाद आया है। बैठक में लेबनानी राष्ट्रपति ने कहा कि अपनी सीमाओं से इजरायली सेना की पूरी वापसी के बाद ही इलाके में शांति और स्थिरता आ सकती है।