Mumbai News: बॉम्बे हाई कोर्ट ने टीवी धारावाहिक ‘अनुपमा’ फेम अभिनेत्री रुपाली गांगुली को बड़ी राहत दी है। अदालत ने पर्सनैलिटी राइट्स के तहत दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए इंटरनेट से उनकी फर्जी तस्वीरें, वीडियो और एआई निर्मित आपत्तिजनक सामग्री हटाने का निर्देश दिया है। हालांकि, अभिनेत्री की सहमति से तस्वीरें उपयोग करने का दावा करने वाले एक ऑनलाइन बुटीक को इस आदेश से छूट मिली है।
टेलीविजन अभिनेत्री रुपाली गांगुली की पर्सनैलिटी राइट्स (व्यक्तित्व अधिकार) याचिका पर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने सभी संबंधित पक्षों को इंटरनेट से अभिनेत्री की फर्जी तस्वीरें, अनधिकृत वीडियो क्लिप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तथा डीपफेक तकनीक से तैयार की गई आपत्तिजनक सामग्री तुरंत हटाने का आदेश दिया है।
बॉम्बे हाई कोर्ट की एकल पीठ के न्यायाधीश न्यायमूर्ति माधव जामदार ने इस मामले में अंतरिम आदेश जारी किया। हालांकि, अदालत ने ‘हट्स एंड लूम्स प्राइवेट लिमिटेड’ (Huts and Looms Pvt. Ltd.) नामक ऑनलाइन बुटीक को इस प्रतिबंध से छूट दी है। बुटीक का दावा है कि उसे अभिनेत्री की स्टाइलिस्ट के जरिए तस्वीरों के इस्तेमाल की अनुमति मिली थी और वे केवल अभिनेत्री द्वारा अनुमोदित सामग्री का ही उपयोग कर रहे हैं।
छवि को नुकसान और व्यावसायिक दुरुपयोग का आरोप
रुपाली गांगुली ने अपनी याचिका में दलील दी थी कि सोशल मीडिया और विभिन्न डिजिटल मंचों पर उनकी छवियों, वीडियो और डीपफेक सामग्री का उपयोग करके उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई जा रही है। इसके साथ ही उनकी अनुमति के बिना उनके नाम, आवाज, हस्ताक्षर और चेहरे के भावों का व्यावसायिक लाभ के लिए अनधिकृत उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने मांग की थी कि कोई भी व्यक्ति उनकी पहचान से जुड़ी विशेषताओं की नकल कर अनुचित लाभ न उठाए।
25 वर्षों के करियर और प्रतिष्ठा का दिया हवाला
अदालत में अभिनेत्री का पक्ष रखते हुए अधिवक्ता सना रईस खान ने बताया कि रुपाली गांगुली पिछले 25 वर्षों से मनोरंजन उद्योग में सक्रिय हैं। उन्होंने ‘कहानी घर-घर की’, ‘संजीवनी’, ‘साराभाई वर्सेस साराभाई’ और वर्तमान में ‘अनुपमा’ जैसे चर्चित धारावाहिकों में प्रमुख भूमिकाएं निभाई हैं।
अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि अभिनेत्री ने लंबे समय के परिश्रम और सम्मान के साथ यह प्रतिष्ठा अर्जित की है, जिसके लिए उन्हें स्टार परिवार अवॉर्ड और इंडियन टेलीविजन अवॉर्ड सहित कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अनधिकृत सामग्री के प्रसार पर रोक लगाने का यह अंतरिम निर्देश पारित किया।