Mandi News: सुंदरनगर विकास खंड के अंतर्गत आने वाली जड़ोल पंचायत के कमसेहड़ा गांव में लगभग 50 लाख रुपये की लागत से निर्मित पुल ग्रामीणों के लिए सफेद हाथी साबित हो रहा है। पुल का निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद इसे अभी तक लोगों की आवाजाही के लिए शुरू नहीं किया गया है, जिसके कारण स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासन और विभाग के प्रति भारी रोष देखने को मिल रहा है।
चार से पांच किलोमीटर का अतिरिक्त सफर करने को मजबूर ग्रामीण
पुल का लाभ न मिलने के कारण ग्रामीणों को रोजाना चार से पांच किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इससे स्थानीय लोगों का समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पुल तक जाने वाली सडक़ की सफाई के लिए कुछ समय पहले मशीन मौके पर भेजी गई थी, लेकिन महज 20 मीटर सडक़ की सफाई करने के बाद मशीन वापस लौट गई। इसके बाद दो सप्ताह बीत जाने के बावजूद मशीन दोबारा मौके पर नहीं पहुंची, जिससे सडक़ की सफाई का काम अधूरा पड़ा है और पुल का सीधा लाभ जनता को नहीं मिल पा रहा है।
ग्रामीणों की मांग और विभाग का पक्ष
हर्दीप सिंह, सुनील कुमार, हरि राम, सोनू कुमार, संजय कुमार और रवि कुमार सहित अन्य स्थानीय ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि कमसेहड़ा पुल तक जाने वाली सडक़ की सफाई का कार्य जल्द पूरा करवाया जाए ताकि पुल को आवाजाही के लिए खोला जा सके।
इस संबंध में लोक निर्माण विभाग उपमंडल सुकेत सुंदरनगर के सहायक अभियंता ई. यशवंत सिंह चंदेल ने बताया कि जेसीबी मशीन अभी सर्विस के लिए खड़ी है, जिस कारण फिलहाल उससे कार्य लेना संभव नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जैसे ही मशीन की सर्विस पूरी होती है, वैसे ही मशीनरी को सडक़ दुरुस्त करने के कार्य पर लगाकर यातायात जल्द बहाल करवा दिया जाएगा।