National News: भारतीय क्रिकेट टीम आज भले ही विदेशी मैदानों पर जीत के झंडे गाड़ रही हो, लेकिन 90 के दशक में हालात काफी जुदा थे। उस दौर में टीम इंडिया को विदेशी दौरों पर जीत के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ता था। ऐसा ही कुछ साल 1990 के न्यूजीलैंड दौरे पर देखने को मिला था।
उस दौरे पर भारतीय टीम छह मुकाबलों में से केवल एक मैच ही जीत सकी थी। टीम के इस निराशाजनक प्रदर्शन से तत्कालीन क्रिकेट मैनेजर और पूर्व दिग्गज स्पिनर बिशन सिंह बेदी बेहद नाराज हो गए थे। उन्होंने गुस्से में यहां तक कह दिया था कि पूरी टीम को प्रशांत महासागर में डुबो देना चाहिए।
क्राइस्टचर्च टेस्ट में मिली थी 10 विकेट से करारी शिकस्त
उस समय मोहम्मद अजहरुद्दीन भारतीय टीम के कप्तान थे। पहले टेस्ट मैच में जॉन राइट के 185 रनों की बदौलत न्यूजीलैंड ने 459 रन बनाए थे। इसके जवाब में भारत की पहली पारी महज 164 रनों पर सिमट गई। फॉलोऑन के बाद दूसरी पारी में 269 रन बनाने के बावजूद कीवियों ने 10 विकेट से मैच जीता।
टेस्ट सीरीज के बाद भारत, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच ट्राई-सीरीज खेली गई। सचिन तेंदुलकर, कपिल देव और मनोज प्रभाकर जैसे दिग्गजों के मौजूद रहने के बावजूद भारत तीन में से केवल एक मुकाबला जीत सका। लगातार हार से आहत होकर बेदी ने वह विवादित बयान दिया, जिससे कई खिलाड़ी नाराज भी हुए थे।