Delhi News: दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को होने वाले विरोध प्रदर्शन से पहले सियासी माहौल पूरी तरह गरमा गया है। कॉकरोच जनता पार्टी ने दावा किया है कि इस प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले देशभर में पार्टी के लगभग 10,000 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
पार्टी प्रवक्ता आशुतोष रंका ने शुक्रवार को यह बड़ा दावा पेश किया। वहीं पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके ने दिल्ली में सार्वजनिक सभाओं पर लगी कड़ी पाबंदियों पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने वाले वीडियो पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सरकार की सख्त नीतियों की आलोचना की।
राजधानी में विरोध प्रदर्शन की इजाजत न मिलने पर उठाए सवाल
अभिजीत दीपके ने कहा कि जंतर-मंतर देश के सभी नागरिकों का मंच है। अगर मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में शांतिपूर्ण तरीके से सभाएं हो सकती हैं, तो राष्ट्रीय राजधानी में इसकी अनुमति क्यों नहीं दी जा रही है। उन्होंने प्रशासन की इस कार्रवाई को पूरी तरह अनुचित बताया।
प्रवक्ता सौरव दास ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और दिल्ली से कई कार्यकर्ताओं को पकड़ा गया है। हिरासत में पुणे के वे छात्र भी शामिल थे जो कार्यक्रम के लिए आ रहे थे। हालांकि, पुलिस या आधिकारिक सूत्रों ने इन आंकड़ों की पुष्टि नहीं की है।
मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया को लेकर केंद्र पर तीखे आरोप
यह पूरा राजनीतिक विवाद स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है। पार्टी का आरोप है कि इस अभियान के तहत मतदाता सूची से भारी संख्या में वैध वोटरों के नाम हटा दिए गए हैं। उन्होंने सभी सामाजिक संगठनों और दलों से नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के लिए आगे आने की अपील की।
पार्टी संस्थापक ने इस प्रक्रिया को बहुत बड़ी अनियमितता बताते हुए केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मार्च का मुख्य उद्देश्य चुनाव आयोग और सरकार को जवाबदेह बनाना है। पार्टी का कहना है कि तमाम पाबंदियों के बावजूद उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।
