Bilaspur News: हिमाचल प्रदेश के एम्स बिलासपुर में एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां मरीजों के इलाज में इस्तेमाल हो रहे थाईलैंड की एक कंपनी के दो डायलिसिस फ्लूइड सैंपल जांच में फेल हो गए हैं। इस खुलासे के बाद दवा नियंत्रण विभाग ने एम्स प्रशासन को नोटिस जारी कर दिया है।
दवा नियंत्रण विभाग बिलासपुर की टीम ने बीते छह जुलाई को अस्पताल के नेफ्रोलॉजी और पीकू वार्ड से सैंपल लिए थे। इनमें 1.5 प्रतिशत डेक्सट्रोज आईपी और 2.5 प्रतिशत डेक्सट्रोज आईपी वाले पेरीटोनियल डायलिसिस सॉल्यूशन शामिल थे। प्रयोगशाला की जांच में यह दोनों ही उत्पाद तय मानकों पर खरे नहीं उतरे।
सैंपल फेल होने की रिपोर्ट मिलते ही विभाग ने तुरंत एक्शन लिया है। अधिकारियों ने एम्स प्रशासन को इन संबंधित उत्पादों को सीज करने के सख्त आदेश दिए हैं। अब विभाग यह पता लगाने में जुट गया है कि यह दवाइयां अस्पताल तक किस माध्यम और किस प्रक्रिया से पहुंची थीं।
थाईलैंड की दवा निर्माता कंपनी पर भी कसेगा शिकंजा
पेरीटोनियल डायलिसिस का इस्तेमाल किडनी की गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए किया जाता है। ऐसे में दवाओं का फेल होना एक गंभीर विषय है। दवा नियंत्रण विभाग अब थाईलैंड की इस निर्माता कंपनी के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करने की पूरी तैयारी कर रहा है।
राज्य दवा नियंत्रक मनीष कपूर ने बताया कि बिलासपुर एम्स में थाईलैंड की कंपनी के दो सैंपल फेल पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि बिलासपुर विभाग को आदेश जारी कर दिए गए हैं। इसके अलावा एम्स प्रशासन से इस कंपनी और दवा की खरीद से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड मांगा गया है।