New York News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ संघर्ष में अमेरिकी जीत का भरोसा जताया है। उन्होंने दावा किया कि यह लड़ाई बहुत जल्द खत्म होगी। युद्ध समाप्त होते ही वैश्विक स्तर पर पेट्रोल, गैस और कच्चे तेल के भाव तेजी से घटेंगे। वाशिंगटन और तेहरान के बीच पर्दे के पीछे वार्ता के प्रयास भी जारी हैं।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने की कूटनीतिक कोशिशें जारी
दोनों देशों के बीच विवाद के केंद्र में सामरिक रूप से अहम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बना हुआ है। मध्यस्थ देश दोनों पक्षों में समझौता कराने और जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बहाल करने में जुटे हैं। हालांकि, बातचीत की राह में अभी भी कई गंभीर अड़चनें मौजूद हैं, जिससे सामान्य हालात बहाल होने में चुनौतियां पेश आ रही हैं।
ईरान ने अमेरिकी नाकेबंदी हटाने और संपत्तियों को मुक्त करने पर एक सप्ताह में जलमार्ग खोलने का प्रस्ताव रखा था। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस शर्त वाले प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया। इसके बावजूद उन्होंने वार्ता जारी रहने की उम्मीद जताई है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची जल्द न्यूयॉर्क में मध्यस्थों से मिल सकते हैं।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका का कड़ा रुख
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर कड़ा रुख बरकरार रखते हुए सख्त चेतावनी जारी की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान को किसी भी हालत में परमाणु हथियार बनाने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि परमाणु संपन्न ईरान पूरी दुनिया के लिए भारी तबाही का बड़ा कारण बन सकता है।
अमेरिकी प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसी भी समझौते से पहले परमाणु गतिरोध का समाधान जरूरी है। जब तक ईरान की परमाणु गतिविधियों पर पूर्ण विराम नहीं लगता, वाशिंगटन अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करेगा। अमेरिका का प्राथमिक उद्देश्य अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ ऊर्जा व्यापार को संकट से बाहर निकालना है।