Riyadh News: सऊदी अरब ने दावा किया है कि उसने मक्का और मदीना क्षेत्रों की ओर आ रही दो बैलिस्टिक मिसाइलों को बीच हवा में ही नष्ट कर दिया, जिनका मलबा पश्चिमी क्षेत्र के कई हिस्सों में गिरा। वहीं, यमन के हूती विद्रोहियों ने इन पवित्र शहरों को निशाना बनाने के दावों को खारिज करते हुए कहा कि उनके हमले सिर्फ सऊदी सैन्य और तेल ठिकानों तक सीमित हैं।
यमन में सऊदी समर्थित सरकार और ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के बीच जारी संघर्ष एक बार फिर गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। सऊदी अरब ने दावा किया है कि उसने देश के पवित्र शहरों मक्का और मदीना के क्षेत्रों की दिशा में दागी गईं बैलिस्टिक मिसाइलों को समय रहते हवा में ही मार गिराया। इस घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव अत्यधिक बढ़ गया है। दूसरी ओर, हूती विद्रोहियों ने मक्का और मदीना को निशाना बनाने के सऊदी अरब के सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
हवा में नष्ट की गईं मिसाइलें, चार इलाकों में गिरा मलबा
सऊदी अरब के नागरिक सुरक्षा विभाग के अनुसार, 24 अक्टूबर 2026 को देश के पश्चिमी हवाई क्षेत्र में दो बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर नष्ट किया गया। मिसाइलों के नष्ट होने के बाद उनका मलबा कई रिहायशी और गैर-रिहायशी इलाकों में जा गिरा।
अधिकारियों के मुताबिक, मलबे के टुकड़े मक्का के बाहरी इलाके वादी मुगामास, जेद्दा के अल-नुज्हा क्षेत्र, ताइफ के वादी जलील और राबिग के एक दूरदराज इलाके में बिखरे पाए गए। सऊदी सुरक्षा एजेंसियों ने इससे पहले भी पश्चिमी क्षेत्र के नागरिकों के लिए संभावित हवाई खतरों को लेकर सतर्कता चेतावनी जारी की थी और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी थी।
हूतियों ने आरोपों को बताया गलत, सैन्य ठिकानों पर हमले की कही बात
हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के इस आरोप को बेबुनियाद करार दिया है कि उनके निशाने पर मक्का या मदीना थे। संगठन का कहना है कि वे केवल सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठानों और सैन्य ठिकानों को ही अपना निशाना बनाते हैं और हर हमले की आधिकारिक घोषणा भी करते हैं।
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने दावा किया कि 23 और 24 अक्टूबर को उनके लड़ाकों ने सऊदी अरब के भीतर कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमले किए। उनके अनुसार, इन निशानों में रियाद का किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, दम्माम और नजरान के हवाई अड्डे, खमीस मुशैत का एयरबेस तथा तेल पाइपलाइन से जुड़े ठिकाने शामिल थे।
यमन के अदन में भी दागी गईं मिसाइलें, संघर्ष विराम पर संकट
इस बीच, यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सऊदी समर्थित सरकार ने आरोप लगाया है कि हूतियों ने दक्षिणी बंदरगाह शहर अदन में स्थित तटरक्षक बल (कोस्ट गार्ड) के ठिकानों पर तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं।
मिसाइल हमलों की इस नई श्रृंखला ने 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में हुए युद्धविराम के प्रयासों को गहरा झटका दिया है। दोनों पक्षों के बीच तेज होते हमलों से पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र में व्यापक सैन्य टकराव की आशंका और गहरा गई है।