Washington News: अमेरिका और ईरान के बीच पिछले छह महीने से जारी भीषण सैन्य संघर्ष के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध समाप्ति को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप का दावा है कि नवंबर में होने वाले अमेरिकी मिड-टर्म चुनावों के तुरंत बाद यह युद्ध समाप्त हो जाएगा, क्योंकि ईरान अब ज्यादा समय तक टिक नहीं सकता।
अमेरिका और इजरायल ने मिलकर 28 फरवरी को ईरान के ठिकानों पर हमला किया था, जिसके बाद से पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव बना हुआ है। दोनों देश लगातार एक-दूसरे को निशाना बना रहे हैं। ट्रंप ने तेहरान पर चुनाव प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मुकाबला जल्द ही खत्म होने वाला है।
सलाहकारों की चेतावनी और लंबा खिंचने की आशंका
राष्ट्रपति ट्रंप के त्वरित युद्ध विराम के दावे के विपरीत अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अलग रिपोर्ट दी है। रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप के शीर्ष रणनीतिकार निजी बातचीत में आगाह कर रहे हैं कि यह सैन्य गतिरोध ट्रंप के मौजूदा राष्ट्रपति कार्यकाल के बाकी दो वर्षों तक खिंच सकता है।
ईरान के न्यूक्लियर कार्यक्रम पर यूएन का कड़ा रुख
कूटनीतिक मोर्चे पर वॉशिंगटन ईरान पर आर्थिक प्रतिबंधों के जरिए घेराबंदी तेज कर रहा है। इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी के बोर्ड ने नियमों की अनदेखी पर ईरान का मामला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को भेजने के पक्ष में मतदान किया। इस प्रस्ताव को 23-3 के बहुमत से पारित कर दिया गया।
इस मतदान प्रक्रिया में आठ सदस्य देश अनुपस्थित रहे, जबकि रूस, चीन और नाइजर ने प्रस्ताव का पुरजोर विरोध किया। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के प्रतिनिधि ने इसे अमेरिकी दबाव में उठाया गया कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव का कोई वैध आधार नहीं है और इससे कोई ठोस नतीजा नहीं निकलेगा।