Riyadh News: तेल पाइपलाइन पर अचानक हुए ड्रोन हमले के बाद सऊदी अरब ने अपनी पूर्व-पश्चिम पाइपलाइन का संचालन अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। इस गंभीर हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी समूह ने नहीं ली है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से बयान देकर दावा किया कि इसके पीछे संभवतः ईरान का हाथ है।
इराक से जुड़े तार और कमांडर पर गिरी गाज
बगदाद और रियाद का मानना है कि यह ड्रोन अटैक इराक के मैसान प्रांत से लॉन्च किया गया था, जहां सक्रिय ईरान समर्थित मिलिशिया की मौजूदगी है। घटना के बाद इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने मैसान ऑपरेशंस कमांडर को तत्काल बर्खास्त कर दिया। साथ ही, सऊदी अरब और ईरान के साथ मिलकर लॉन्चिंग पैड की संयुक्त जांच शुरू करने की सहमति दी है।
दूसरी तरफ, यमन के लाल सागर तट पर हूती विद्रोही अपनी पकड़ लगातार मजबूत कर रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने सऊदी पर हमले तेज करने के निर्देश दिए हैं। सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने डोनल्ड ट्रंप से सीधी सैन्य मदद मांगी, लेकिन अमेरिका ने सीधे युद्ध में उतरने के बजाय केवल खुफिया जानकारी साझा करने का भरोसा दिया है।