World News: चेक गणराज्य की राजधानी प्राग में प्रधानमंत्री आंद्रे बाबिश की सरकार के खिलाफ हजारों लोगों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। लोग सार्वजनिक रेडियो और टेलीविजन के वित्तपोषण नियमों में बदलाव के सरकारी प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि यह कदम प्रेस की आजादी छीनने वाला है।
प्राग के ऐतिहासिक ओल्ड टाउन स्क्वायर में भारी भीड़ जुटने के कारण आसपास की सड़कें भी प्रदर्शनकारियों से भर गईं। संसद के निचले सदन में इस विवादित मसौदे पर तड़के साढ़े चार बजे जल्दबाजी में मतदान कराने को लेकर भी भारी नाराजगी देखी गई। विपक्षी संगठनों ने इसे लोकतंत्र के खिलाफ साजिश करार दिया है।
सरकारी बजट से फंडिंग योजना पर मीडिया यूनियनों ने खोला मोर्चा
नए प्रस्ताव के तहत जनता और कारोबारियों से लिया जाने वाला नियमित प्रसारण शुल्क खत्म करके मीडिया को सीधे सरकारी खजाने से पैसा दिया जाएगा। इससे सार्वजनिक प्रसारकों के कुल बजट में 15 प्रतिशत तक की कटौती की आशंका है। आलोचकों का कहना है कि बजट पर निर्भरता से सरकारी दखलंदाजी काफी बढ़ जाएगी।
सरकारी हस्तक्षेप के खिलाफ सार्वजनिक मीडिया कर्मियों ने आगामी तीन नवंबर को देशव्यापी हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। इस विरोध को विश्वविद्यालयों, चर्चों, श्रमिक संघों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठनों का भी खुला समर्थन मिला है। प्रदर्शनकारी संगठन ‘मिलियन मोमेंट्स फॉर डेमोक्रेसी’ ने मसौदा तुरंत वापस लेने की सख्त मांग रखी है।