POK News: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में सेना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन काफी तेज हो गया है। जम्मू-कश्मीर जॉइंट आवामी ऐक्शन लीग के बैनर तले लोग सड़कों पर उतरकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान संगठन के प्रमुख ने सेना के दबदबे पर सवाल उठाते हुए अधिकारियों को वर्दी उतारकर जनता के बीच आने की चुनौती दी है।
रावलकोट के फारुक-ए-आजम चौक पर एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए सरदार अमन खान ने देश की बदहाली का जिम्मेदार सेना को बताया। उन्होंने कहा कि नागरिक मामलों में सेना का हस्तक्षेप तुरंत खत्म होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर अधिकारियों को अपनी लोकप्रियता पर बहुत भरोसा है, तो वे इस्तीफा देकर चुनावी मैदान में जनता का सामना करें।
पीओके की जनता का इस्तेमाल हथियार के रूप में किया
सदर खान ने पाकिस्तानी सेना पर स्थानीय लोगों के इस्तेमाल का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अतीत में घाटी की जनता को हथियार की तरह इस्तेमाल करके आतंकवाद के दलदल में धकेला गया। आज जब नागरिक अपने अधिकारों, स्कूल और अस्पतालों की मांग कर रहे हैं, तो उन्हें देशद्रोही बताकर गोलियां मारी जा रही हैं। इस आंदोलन में कई लोग मारे जा चुके हैं।
आवामी ऐक्शन लीग के प्रमुख ने देश के अन्य प्रांतों की समस्याओं पर भी बात की। उन्होंने कहा कि सिंध, बलूचिस्तान, पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा के लोग भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। खान ने चुनावी प्रक्रिया को फर्जी बताते हुए कहा कि एक खास विंग चुनाव में धांधली करके अपनी पसंद के नेताओं को सत्ता में बिठाने का काम करती है।
टैक्स के पैसे से ऐश कर रहे फौजी अफसर
देश की खराब आर्थिक स्थिति पर बोलते हुए खान ने फौजी अफसरों की जमकर क्लास ली। उन्होंने कहा कि देश का गरीब दिहाड़ी मजदूर भारी टैक्स भर रहा है। इसी टैक्स के पैसे से नेता और सेना के बड़े अधिकारी आलीशान जिंदगी जी रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि अब जनरलों की जगह आम मजदूरों की आवाज से ही इलाके का शासन तय होना चाहिए।
खान ने देश की न्यायिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि अदालतें पूरी तरह नाकाम हो चुकी हैं। भारी-भरकम सैलरी लेने के बाद भी जज सेना या नेताओं के खिलाफ कोई एक्शन नहीं ले पाते। आम जनता के लिए न्याय पाना बहुत कठिन हो चुका है। बता दें कि बिजली की दरों से शुरू हुआ यह आंदोलन अब पाकिस्तान सरकार के लिए बड़ा संकट बन चुका है।