Muzaffarabad News: पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में विधानसभा चुनावों के दौरान राजनीतिक तनाव काफी बढ़ गया है। सुधनोती और रावलाकोट जिलों में जारी उग्र धरने के कारण चुनाव को 10 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। यह विरोध प्रदर्शन जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी और पब्लिक एक्शन कमेटी के नेतृत्व में चल रहा है।
गंभीर आंदोलन और सरकार के खिलाफ नागरिकों की मांगें
यह जन आंदोलन पिछले 52 दिनों से लगातार जारी है। प्रदर्शनकारी नागरिक गिरफ्तार किए गए कार्यकर्ताओं की रिहाई, दर्ज मुकदमों को वापस लेने और अपनी बुनियादी मांगों को पूरा करने पर अड़े हुए हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि प्रशासन के साथ हुई बातचीत पूरी तरह विफल रही, क्योंकि सरकार उनकी प्रमुख शर्तें मानने को तैयार नहीं हुई।
जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी ने सरकार को सख्त चेतावनी दी है। संगठन का कहना है कि यदि उनकी मांगें तुरंत पूरी नहीं की गईं, तो हजारों प्रदर्शनकारी रावलाकोट से मुजफ्फराबाद तक विशाल मार्च निकालेंगे। स्थानीय लोगों का मानना है कि उनकी पहली प्राथमिकता चुनाव नहीं, बल्कि महंगाई, बिजली, आटा और बुनियादी नागरिक सुविधाओं जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान है।
चुनावी प्रक्रिया, धांधली के आरोप और मतदान का बहिष्कार
तनावपूर्ण माहौल के बीच मीरपुर डिवीजन की 13 विधानसभा सीटों पर पहले चरण की वोटिंग शुरू हो गई है। पहले चरण में 14 लाख से अधिक मतदाता पंजीकृत हैं, जहां पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी जैसे प्रमुख दल मैदान में हैं। हालांकि, लंबे समय से जारी हड़ताल के कारण सभी राजनीतिक दलों का चुनाव प्रचार काफी प्रभावित हुआ है।
कई स्थानीय संगठनों और राजनीतिक विश्लेषकों ने पाकिस्तानी सेना पर चुनाव प्रक्रिया में सीधा हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया है। अवामी एक्शन कमेटी ने इन चुनावों को पूर्व-निर्धारित और धांधली से भरा बताते हुए बहिष्कार का आह्वान किया है। वहीं प्रशासन ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए स्वतंत्र मतदान और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहने का दावा किया है।