Washington News: चीन के खिलाफ आर्थिक मोर्चे पर दबदबा बढ़ाने के लिए अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन एक गुप्त जासूसी कार्यक्रम शुरू करने पर विचार कर रहा है। अमेरिकी अखबार द वाशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इसके जरिए आर्थिक खुफिया जानकारी जुटाई जाएगी।
प्रस्तावित योजना के तहत अमेरिकी खुफिया एजेंट कारोबारी या निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के छद्म भेष में काम कर सकते हैं। इससे उनका अमेरिकी सरकार या सेना से कोई सीधा संबंध उजागर नहीं होगा। हालांकि अमेरिकी रक्षा विभाग ने इस तरह की किसी भी पहल से साफ इनकार किया है।
आर्थिक खुफिया जानकारी जुटाने पर फोकस और विशेषज्ञों की टीम
रिपोर्ट के अनुसार यह पहल अभी केवल योजना के स्तर पर है और इसे औपचारिक रूप से लागू नहीं किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य चीन और अमेरिका के अन्य प्रतिस्पर्धी देशों की गोपनीय आर्थिक रणनीतियों, व्यापारिक चालों और अहम सप्लाई चेन से जुड़ी खुफिया जानकारियों को हासिल करना है।
इस पूरे कार्यक्रम की देखरेख सीआईए में 39 साल काम कर चुके वरिष्ठ अधिकारी टॉम राकुसन कर रहे हैं। राकुसन वर्तमान में उप रक्षा मंत्री के सलाहकार हैं। इस योजना में अमेरिकी सेना, रक्षा खुफिया एजेंसियों और पूर्व सीआईए अधिकारियों की एक विशेष टीम को शामिल किया गया है।
पेंटागन ने दावों को किया खारिज और बढ़ाई जासूसी
पेंटागन के उप प्रेस सचिव जैकब ब्लिस ने इन दावों को गलत जानकारी पर आधारित बताया है। वहीं सीआईए और योजना से जुड़े प्रमुख अधिकारियों ने आधिकारिक टिप्पणी करने से मना कर दिया है। इसके अलावा अमेरिकी संसद की संबंधित समितियों को भी इस कार्यक्रम की जानकारी नहीं दी गई है।
ट्रंप प्रशासन आर्थिक दबाव, टैरिफ और निर्यात नियंत्रण को अपनी विदेश नीति का मुख्य हथियार बना रहा है। हाल ही में अमेरिकी एजेंसियों ने स्पष्ट किया था कि चीन के खिलाफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बायोटेक्नोलॉजी और एडवांस्ड चिप्स जैसे रणनीतिक तकनीकी क्षेत्रों में जासूसी का दायरा तेजी से बढ़ाया जा रहा है।