Kathmandu News: नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद हालात बेहद चिंताजनक हो गए हैं। भोटे कोशी, त्रिशूली और नारायणी नदी मार्ग पर स्थित अस्पतालों के मुर्दाघर पूरी तरह भर चुके हैं। शवों की बढ़ती संख्या के कारण प्रशासन को सरकारी भवनों और सामुदायिक हॉलों को अस्थायी मोर्चरी में बदलना पड़ रहा है।
नदियों के तेज बहाव के कारण शव बहकर भारतीय सीमा तक पहुंच गए हैं। उत्तर प्रदेश के महाराजगंज और कुशीनगर जिलों में गंडक नदी से सात शव बरामद किए गए हैं। सीमा पर तैनात एसएसबी के जवानों ने राहत दलों के साथ मिलकर शवों को नदी से बाहर निकाला और स्थानीय पुलिस को सौंपा।
चितवन और पोखरा के अस्पतालों पर बढ़ा भारी दबाव
नारायणी नदी किनारे स्थित चितवन जिले में अब तक सबसे अधिक 221 शव मिले हैं। स्थानीय अस्पतालों की क्षमता केवल 50 शवों की होने के कारण भरतपुर में एक खाली सरकारी इमारत में 250 शवों के लिए कोल्ड स्टोरेज तैयार किया गया है। अधिकारियों ने शवों को सुरक्षित रखने के लिए एसी और ड्राई आइस की व्यवस्था की है।
धाडिंग, गोरखा और नवलपरासी से बरामद 102 शवों को फोरेंसिक जांच के लिए पोखरा भेजा गया है। पोखरा के मुख्य जिला अधिकारी ने बताया कि उनके यहां केवल 88 शवों को रखने की जगह है, जिससे क्षमता पार हो चुकी है। सब-जीरो सुविधा न होने से शवों को लंबे समय तक सुरक्षित रखना चुनौती बन गया है।