Kathmandu News: नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर ग्यिरोंग इमिग्रेशन सेंटर के पास अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। मिट्टी, पत्थर और पानी के तेज बहाव में पूरी बिल्डिंग बह गई। इस हादसे में ईशा फाउंडेशन के 80 श्रद्धालुओं समेत सैकड़ों लोग लापता हैं। मध्य नेपाल के विभिन्न इलाकों से अब तक 579 शव निकाले जा चुके हैं।
लापता श्रद्धालुओं में अमेरिकी नागरिक दीपक डंडू की पत्नी श्रीदेवी वेजेला भी शामिल हैं। वे कैलाश मानसरोवर यात्रा पूरी करके वापस लौट रही थीं। घटना की खबर मिलते ही दीपक न्यूयॉर्क से हैदराबाद के लिए रवाना हो गए। उन्होंने बताया कि आपदा के समय उनकी पत्नी इमिग्रेशन सेंटर के अंदर मौजूद थीं और अचानक संपर्क टूट गया।

श्रीदेवी का 13 साल का बेटा हैदराबाद में परिवार के साथ मौजूद है। अपनी मां के लापता होने की खबर सुनकर वह बेहद दुखी और परेशान है। दीपक ने भावुक होकर बताया कि कैलाश मानसरोवर की यात्रा करना श्रीदेवी का सपना था। वह मंगलवार तक अपने परिवार से लगातार फोन के जरिए बातचीत कर रही थीं।
सद्गुरु ने साझा किया भावुक वीडियो संदेश
ईशा फाउंडेशन के प्रमुख सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने इस त्रासदी पर रोते हुए गहरा दुख जताया। उन्होंने बताया कि सुबह 9:05 बजे ग्रुप लीडर से मैसेज मिला था कि वे इमिग्रेशन पहुंच गए हैं। ठीक 9 मिनट बाद, 9:14 बजे यह आपदा आ गई और संपर्क पूरी तरह कट गया। नेपाल का फोन चालू न होने से आशंका है कि पूरा ग्रुप अंदर ही था।
राहत और बचाव कार्य जारी, भारी नुकसान
आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार बाढ़ वाले इलाके में जलस्तर बढ़ने से दोबारा खतरा पैदा हो गया है। प्रशासन ने राहत कर्मियों और भोतेकोशी व त्रिशूली नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है। कई इलाकों में तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है ताकि फंसे लोगों को निकाला जा सके।
पुलिस के अनुसार चितवन से 233, नवलपरासी ईस्ट से 154, गोरखा से 46 और धाडिंग से 40 शव बरामद हुए हैं। नुवाकोट, तनाहु, नवलपरासी वेस्ट और रसुवा से भी कई शव मिले हैं। ग्यिरोंग काउंटी में 5 मौतें हुईं। बुधवार से 86 सुरक्षाकर्मियों और 517 विदेशी पर्यटकों समेत 1,924 लोग अब भी लापता हैं।