नेपाल में भीषण बाढ़ से भारी तबाही, 133 भारतीय पर्यटकों सहित करीब 400 लोग लापता, राहत कार्य जारी

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Kathmandu News: नेपाल के उत्तरी जिले रसुवा में भोटे कोशी नदी में आई अचानक बाढ़ से भारी तबाही हुई है। नेपाल टूरिज्म बोर्ड के अनुसार आपदा में 133 भारतीय पर्यटकों समेत करीब 400 लोग लापता हैं। लापता भारतीयों में 31 मानसरोवर यात्रा पर निकले थे। सरकार ने राहत कार्यों के साथ इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर 1144 जारी किया है।

पर्यटन बोर्ड के मुताबिक लापता लोगों में 291 विदेशी और 90 से अधिक नेपाली नागरिक हैं। इनमें 37 एनआरआई पर्यटकों के अलावा अमेरिका, मलेशिया, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड और दक्षिण अफ्रीका के नागरिक शामिल हैं। नेपाली सेना ने अब तक हेलिकॉप्टर से 12 लोगों को बचाया है, जबकि 5 घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है।

भूकंप के बाद एवलांच से भोटे कोशी में आया सैलाब

अधिकारियों के अनुसार तिब्बत की तरफ से सुबह 9 बजे पानी का भारी बहाव आया, जिससे तिमुरे और स्याफ्रुबेसी बुरी तरह प्रभावित हुए। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज ने बताया कि घटना से ठीक पहले 4.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज हुआ था। माना जा रहा है कि भूकंप जनित एवलांच के मलबे से यह भीषण सैलाब उमड़ा।

चीन सीमा पर स्थित तिमुरे बाजार, कस्टम क्षेत्र और रसुवागढ़ी का फ्रेंडशिप ब्रिज पानी में बह गए। रसुवा के मुख्य जिला अधिकारी नरेंद्र परियार ने बड़े पैमाने पर नुकसान की पुष्टि की है। इसके अलावा तिमुरे, स्याफ्रुबेसी और रसुवागढ़ी के तीन पुलिस केंद्र क्षतिग्रस्त हुए हैं तथा आर्म्ड पुलिस फोर्स के 9 जवान भी लापता हैं।

पनबिजली परियोजनाओं को नुकसान, बिहार में अलर्ट जारी

ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार बाढ़ से 430 मेगावाट बिजली आपूर्ति बाधित हुई है, जो देश की कुल स्थापित जलविद्युत क्षमता का 12 प्रतिशत से अधिक है। बाढ़ का पानी नारायणी देवघाट तक पहुंचने पर नदी तटीय इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। सीमा पार खतरे को देखते हुए बिहार सरकार ने भी गंडक और कोसी तटवर्ती जिलों को सतर्क कर दिया है।

जलभराव से हेलिकॉप्टर रेस्क्यू में आ रही बाधा

प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने आपातकालीन कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता कर सेना, पुलिस और आपदा प्रबंधन दलों को त्वरित बचाव अभियान के निर्देश दिए हैं। हालांकि भारी जलभराव के कारण स्याफ्रुबेसी और तिमुरे में सेना के हेलिकॉप्टर उतरने में मुश्किलें आ रही हैं। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी सीमांत क्षेत्र में निगरानी और त्वरित चेतावनी प्रणाली के निर्देश दिए हैं।

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