एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने संभाली वायुसेना की कमान, तेजस और AMCA को बताया शीर्ष प्राथमिकता

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New Delhi News: एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने रविवार को देश के 29वें वायुसेना प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाल लिया। दिल्ली में गार्ड ऑफ ऑनर प्राप्त करने के बाद उन्होंने अपनी प्राथमिकताएं साझा कीं। उन्होंने तेजस मार्क-1ए, तेजस मार्क-2 और पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान एएमसीए (AMCA) को अपनी शीर्ष प्राथमिकता बताया और ‘वायु’ (VAYU) मंत्र प्रस्तुत किया।

एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने रविवार, 1 नवंबर 2026 को भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख के रूप में औपचारिक पदभार संभाल लिया है। राजधानी दिल्ली में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। कमान संभालने के बाद नए वायुसेना प्रमुख ने वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य को देखते हुए बल की परिचालन तैयारियों और आधुनिकीकरण की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया। उन्होंने पूर्व वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के नेतृत्व की सराहना की और कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान वायुसेना ने अपनी सटीक मारक क्षमता और उत्कृष्ट संचालन क्षमता का परिचय दिया था।

वायुसेना की दिशा तय करेगा नया ‘वायु’ (VAYU) मंत्र

नए वायुसेनाध्यक्ष ने भारतीय वायुसेना की भावी प्राथमिकताओं और कार्यप्रणाली को स्पष्ट करने के लिए ‘वायु’ मंत्र पेश किया:

  • V (Vigilance & Readiness): चौबीसों घंटे सतर्कता और हर परिस्थिति में युद्ध के लिए तैयार रहना।
  • A (Atmanirbharta): रक्षा उत्पादन और तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को मजबूत करना।
  • Y (Yukti): नई सोच, आधुनिक तकनीक और नवाचार (इनोवेशन) के जरिए समाधान निकालना।
  • U (Unity of Effort): थलसेना, नौसेना और अन्य राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ साझा तालमेल और संयुक्त प्रयास सुनिश्चित करना।

तेजस और पांचवीं पीढ़ी के AMCA पर विशेष जोर

वायुसेना के आधुनिकीकरण पर बात करते हुए एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने स्पष्ट किया कि स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस मार्क-1ए, तेजस मार्क-2 और नेक्स्ट जेनरेशन एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) वायुसेना की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल रहेंगे। इसके साथ ही स्वदेशी सेंसर, मिसाइल और रक्षा प्रणालियों के विकास पर भी तेजी से काम किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में ड्रोन तकनीक, लंबी दूरी के सटीक हथियार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर और अंतरिक्ष (स्पेस) जैसी तकनीकें युद्ध के तौर-तरीकों को पूरी तरह बदल रही हैं। भारतीय वायुसेना को इन आधुनिक चुनौतियों के अनुरूप खुद को निरंतर ढालना होगा।

इसके अतिरिक्त, वायुसेना प्रमुख ने एयरफोर्स कर्मियों, अग्निवीर वायु, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण को भी अपने एजेंडे की अहम कड़ी बताया। उन्होंने देशवासियों को आश्वस्त किया कि भारतीय वायुसेना हर चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह सतर्क, सक्षम और प्रतिबद्ध है।

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