Kunri News: पाकिस्तान के सिंध प्रांत में बसा कुनरी शहर लंबे समय से देश की ‘लाल मिर्च की राजधानी’ के नाम से मशहूर है. यहां पीढ़ियों से किसान खुले में पारंपरिक तरीके से धूप में मिर्च सुखाने का काम करते आए हैं. लेकिन अब जलवायु परिवर्तन के कारण यह खेती गहरे संकट में फंस गई है.
भीषण गर्मी, बेमौसम बाढ़, सूखे की मार और खेती की बढ़ती लागत ने मिर्च किसानों के पारंपरिक व्यवसाय को भारी नुकसान पहुंचाया है. पाकिस्तान की कुल अर्थव्यवस्था में कृषि की हिस्सेदारी लगभग एक तिहाई है. 25 करोड़ से ज्यादा आबादी वाला यह देश जलवायु संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है.
सूखे के कारण कुनरी के खेतों में कभी लहलहाने वाली फसलें अब झुलसी हुई नजर आ रही हैं. सूखी जमीन और खाली पड़े खेत किसानों की बेबसी को बयां कर रहे हैं. महीनों से कड़ाके की गर्मी का सामना कर रहे पौधे बारिश के इंतजार में दम तोड़ रहे हैं, जिससे किसानों को भारी घाटा हो रहा है.
गौरतलब है कि पाकिस्तान दुनिया के प्रमुख लाल मिर्च उत्पादक देशों की सूची में शामिल है. कुनरी के स्थानीय बाजार के दिनों में हवा में तीखी धूल के कारण आंखों में पानी आ जाता है. खुले में सुखाने और प्रोसेसिंग के कारण फसल का करीब एक-तिहाई हिस्सा पूरी तरह बर्बाद हो जाता है.
स्थानीय किसानों की मांग है कि मिर्च सुखाने के लिए सरकार की ओर से आधुनिक और नियंत्रित सुविधाएं दी जाएं. मिर्च की पारंपरिक खेती अब मौसम के बदलाव और बढ़ती लागत का मुकाबला नहीं कर पा रही है. इसलिए कई किसान जोखिम कम करने के लिए अपनी जमीन पर दूसरी फसलें भी लगा रहे हैं.
साल 2022 में आई विनाशकारी बाढ़ ने देश की लगभग 45 लाख एकड़ कृषि योग्य जमीन को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया था. सिंध और पड़ोसी प्रांत पंजाब, जिसे पाकिस्तान का अन्न भंडार कहा जाता है, वहां के किसान आज भी उस भीषण तबाही से पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं.