Washington News: भारतीय-अमेरिकी आर्मी सर्जन मेजर जगतकुमार पटेल ने दिमाग के ट्यूमर को बिना खोपड़ी खोले हटाने की एक आधुनिक तकनीक विकसित की है। इस नई प्रक्रिया की मदद से मरीज बेहद तेजी से ठीक हो रहे हैं। पेंटागन के अनुसार, पटेल और उनकी टीम ने नाक के जरिए ट्यूमर का सफल ऑपरेशन किया है।
बिना खोपड़ी खोले सर्जरी करने का नया और सुरक्षित तरीका
मेजर पटेल के अनुसार पहले ऐसी ज्यादातर सर्जरी ओपन तकनीक से होती थीं। यह प्रक्रिया मरीज के लिए काफी तकलीफदेह होती थी। अब ट्यूमर सही साइज और सटीक जगह पर होने पर ओपन सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ती। नाक के जरिए डॉक्टरों को ट्यूमर तक पहुंचने और उसे पूरी तरह से हटाने का सबसे बेहतर मौका मिलता है।
वाल्टर रीड मेडिकल सेंटर में सफल ऑपरेशन का केस
हाल ही में मेजर पटेल और लेफ्टिनेंट कर्नल चार्ल्स मिलर ने मरीन स्टाफ सार्जेंट एंडी आर्चर पर यह सर्जरी की। आर्चर 15 साल से गंभीर सिरदर्द और धुंधले विजन से परेशान थे। एमआरआई में ऑप्टिक नर्व पर दबाव डालता गोल्फ बॉल के आकार का 4.4 सेंटीमीटर ट्यूमर दिखा। इसके बाद उन्हें वाल्टर रीड आर्मी नेशनल मेडिकल सेंटर लाया गया।
एंडोस्कोपिक कैमरे की मदद से सटीक और सुरक्षित सर्जिकल प्रक्रिया
मेजर पटेल ने नाक की जटिल बनावट के बीच सर्जरी के लिए सुरक्षित रास्ता तैयार किया। उन्होंने एंडोस्कोपिक कैमरे से सर्जिकल मॉनिटर पर ट्यूमर का क्लोज-अप दृश्य दिखाया। इससे डॉक्टर मिलर ने ट्यूमर को आसानी से काटकर बाहर निकाला। पटेल ने कहा कि कैमरे को पास ले जाने से हर जरूरी हिस्सा बिल्कुल साफ नजर आता है।
सर्जरी के दो दिन बाद मरीज की स्थिति में सुधार
मेजर पटेल ने पूरी प्रक्रिया को एक टीम वर्क बताया। सर्जरी के महज दो दिन बाद मरीज आर्चर आईसीयू में आराम से बैठे दिखे और उनका विजन भी साफ होने लगा। पटेल का कहना है कि उनकी टीम खोपड़ी के निचले हिस्से की कठिन सर्जरी में माहिर है और नाक के जरिए होने वाली यह सर्जरी काफी जटिल होती है।