Delhi News: राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए लागू की गई ‘शीतकालीन कार्य योजना’ (Winter Action Plan) के पहले ही दिन दिल्ली प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। रविवार को चलाए गए विशेष अभियान के दौरान 68.4 लाख रुपये का जुर्माना और पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क लगाया गया। इस दौरान सीमाओं पर लगभग 15,000 वाहनों की जांच कर गैर-बीएस-6 श्रेणी के 1,539 वाहनों को वापस लौटा दिया गया, जबकि बिना वैध पीयूसीसी (PUCC) दौड़ रहे 566 वाहनों के चालान काटे गए।
नई दिल्ली। सर्दियों के मौसम में वायु गुणवत्ता के स्तर को गंभीर होने से रोकने के उद्देश्य से दिल्ली में ‘शीतकालीन कार्य योजना’ (Winter Action Plan) प्रभावी रूप से लागू कर दी गई है। अभियान के पहले दिन दिल्ली यातायात पुलिस, परिवहन विभाग और पर्यावरण निगरानी दलों ने संयुक्त रूप से व्यापक चेकिंग अभियान चलाया। रविवार शाम पांच बजे तक जुटाए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, नियमों की अवहेलना करने वालों पर कुल 68.4 लाख रुपये का जुर्माना और पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क (Environmental Compensation Charge) अधिरोपित किया गया।
प्रशासन द्वारा जारी विवरण के अनुसार, कुल राशि में सर्वाधिक 56.6 लाख रुपये का जुर्माना प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (पीयूसीसी) के नियमों का उल्लंघन करने वाले 566 वाहनों पर लगाया गया है। इसके अलावा निर्माण एवं तोड़फोड़ (C&D) गतिविधियों में धूल नियंत्रण के मानकों की अनदेखी करने पर 9.8 लाख रुपये का पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क वसूला गया, जबकि शहर की सीमा में प्रवेश से जुड़े प्रतिबंधों के उल्लंघन पर दो लाख रुपये का जुर्माना शामिल है।
सीमाओं पर 14,930 वाहनों की जांच, 10.31 फीसदी वाहन वापस भेजे
दिल्ली सरकार द्वारा 1 नवंबर से 31 जनवरी तक राजधानी के बाहर पंजीकृत गैर-बीएस-6 (Non-BS-VI) वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया गया है। इस आदेश के अनुपालन में दिल्ली यातायात पुलिस और परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीमों ने सीमाओं पर सघन जांच अभियान चलाया।
रविवार शाम तक कुल 14,930 वाहनों की गहन पड़ताल की गई। इनमें से करीब 10.31 प्रतिशत यानी 1,539 वाहनों को दिल्ली की सीमा में प्रवेश करने से रोकते हुए बॉर्डर से ही वापस लौटा दिया गया। सघन निगरानी के दौरान प्रतिबंधात्मक नियमों के उल्लंघन पर 127 चालान जारी किए गए, जबकि गंभीर अनियमितता पाए जाने पर 62 वाहनों को मौके पर ही जब्त कर लिया गया।
प्रदूषण रोकने के लिए लागू हैं कड़े नियम
शीतकालीन कार्य योजना के तहत दिल्ली में प्रदूषण रोकथाम के लिए कई बहुस्तरीय कदम उठाए गए हैं। इसके अंतर्गत ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ (बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र के ईंधन नहीं) नीति के साथ-साथ सरकारी व निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम और निर्माण स्थलों पर धूल प्रबंधन के कड़े दिशा-निर्देश तय किए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों, धूल नियंत्रण नियमों का उल्लंघन करने वाले बिल्डरों और अवैध प्रवेश करने वाले वाहनों के खिलाफ आने वाले दिनों में यह अभियान और अधिक तीव्रता से जारी रहेगा।