सत्य निकेतन हादसे के बाद एक्शन में पीडब्ल्यूडी, उत्तर दिल्ली के सात जर्जर औषधालय भवन होंगे ध्वस्त

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Delhi News: सत्य निकेतन में इमारत गिरने की दर्दनाक घटना के बाद लोक निर्माण विभाग ने अपने अधीन आने वाले असुरक्षित भवनों के खिलाफ मुहिम तेज कर दी है। विभाग ने उत्तर दिल्ली के सात बेहद जर्जर औषधालय भवनों को गिराने की पूरी तैयारी कर ली है। इसके साथ ही अभियंताओं को अपने क्षेत्रों में ऐसे अन्य भवनों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं।

पीडब्ल्यूडी ने इन सात खतरनाक औषधालयों को सुरक्षित रूप से ढहाने, उनका मलबा हटाने और जमीन को समतल करने के लिए आधिकारिक टेंडर जारी कर दिया है। वर्तमान स्थिति में ये भवन जनसुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन चुके थे। इन इमारतों की उपयोगिता खत्म होने के कारण इन्हें गिराना अनिवार्य माना गया है।

इन सात प्रमुख इलाकों में होगी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई

विभाग द्वारा चिन्हित की गई इमारतों में वजीरपुर के-ब्लॉक जेजे कॉलोनी, सी-सात ब्लॉक और केशवपुरम के औषधालय शामिल हैं। इसके अलावा जहांगीरपुरी के एच-ब्लॉक व बी-ब्लॉक, शकूरपुर के आई-ब्लॉक और नांगलोई जेजे कॉलोनी स्थित औषधालय भवनों को गिराया जाएगा। इन सभी स्थानों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएंगे।

साठ दिनों में पूरा होगा काम, तय की गई समयसीमा

टेंडर की शर्तों के तहत चयनित एजेंसी को दो महीने के भीतर ध्वस्तीकरण और मलबा हटाने का काम पूरा करना होगा। जमीन समतल होने के बाद इस जगह पर भविष्य में जनहित के नए विकास कार्य किए जा सकेंगे। विभाग ने इस पूरी परियोजना के लिए बारह लाख रुपये से अधिक का बजट निर्धारित किया है।

सत्य निकेतन हादसे के बाद राजधानी में पुरानी इमारतों की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। पीडब्ल्यूडी का मानना है कि नियमित तकनीकी जांच से समय रहते जोखिम की पहचान संभव है। इससे भविष्य में किसी भी बड़े हादसे को रोकने और जान-माल की रक्षा करने में सीधी मदद मिलेगी।

Desh Raj
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