इंदिरा मैराथन 2026: डोपिंग नियमों के उल्लंघन पर नाडा का कड़ा एक्शन, 100 एथलीटों पर लगा प्रतिबंध

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Prayagraj News: देश की प्रतिष्ठित इंदिरा मैराथन के 41वें संस्करण में इस बार देश भर के 100 एथलीट हिस्सा नहीं ले सकेंगे। राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने डोप टेस्ट में विफल रहने पर 51 एथलीटों को प्रतिबंधित और 49 को निलंबित किया है। इनमें करीब 13 ऐसे खिलाड़ी भी शामिल हैं, जो पूर्व में इस ऐतिहासिक मैराथन का हिस्सा रह चुके हैं।

प्रयागराज में आयोजित होने वाली देश की प्रतिष्ठित इंदिरा मैराथन के 41वें संस्करण से पहले राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने नियमों का उल्लंघन करने वाले खिलाड़ियों पर सख्त कार्रवाई की है। डोप टेस्ट में फेल होने के कारण देश भर के 100 ट्रैक एंड फील्ड एथलीट इस बार प्रतियोगिता में भाग नहीं ले पाएंगे। एजेंसी ने इनमें से 51 एथलीटों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है, जबकि 49 को अनंतिम रूप से निलंबित किया गया है। बाहर किए गए खिलाड़ियों में लगभग 13 एथलीट पूर्व में इंदिरा मैराथन दौड़ चुके हैं।

प्रभारी क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी शिव यादव के अनुसार, नाडा की वर्तमान सूची में विभिन्न खेलों के कुल 267 प्रतिबंधित और 262 निलंबित खिलाड़ियों के नाम दर्ज हैं, जिनमें से 100 खिलाड़ी ट्रैक एंड फील्ड स्पर्धाओं से जुड़े हैं। नाडा नियमावली के तहत कोई भी प्रतिबंधित या जांच लंबित रहने तक निलंबित खिलाड़ी किसी भी अधिकृत खेल आयोजन में हिस्सा नहीं ले सकता। परीक्षण के दौरान इन खिलाड़ियों के नमूनों में एनाबालिक स्टेरायड, डर्बेपोएटिन, नोरएंड्रोस्टेरोन, मफेंटरमाइन और स्टैनोजोलोल जैसे गंभीर प्रतिबंधित पदार्थ पाए गए हैं। जांच पूरी होने और प्रतिबंध की अवधि समाप्त होने तक इनके किसी भी राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय आयोजन में खेलने पर पूर्ण रोक रहेगी।

19 नवंबर को होगा आयोजन, नाडा की टीम करेगी औचक जांच

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जयंती के अवसर पर 19 नवंबर को प्रयागराज में आयोजित होने वाली 42.195 किलोमीटर की यह दौड़ एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एएफआई) और उत्तर प्रदेश एथलेटिक्स एसोसिएशन से मान्यता प्राप्त है। इसके साथ ही यह प्रदेश खेल विभाग के आधिकारिक खेल कैलेंडर का प्रमुख हिस्सा है। आयोजन के दौरान नाडा की विशेष डोपिंग रोधी टीम स्थल पर मौजूद रहेगी और विजेता तथा शीर्ष धावकों के औचक (रैंडम) सैंपल एकत्र करेगी। तकनीकी निगरानी और व्यवस्था के संचालन के लिए फेडरेशन के 1500 से अधिक अधिकारी व निर्णायक तैनात किए जाएंगे।

सेना के धावक पेश करेंगे मजबूत चुनौती, तैयारियां तेज

प्रतियोगिता में इस वर्ष भी भारतीय सेना के धावकों का मजबूत प्रदर्शन देखने को मिलेगा। प्रदीप सिंह चौधरी, अनिल कुमार और बी. सिरानू के नेतृत्व में सेना के दो दर्जन से अधिक शीर्ष धावक अपनी चुनौती पेश करेंगे। सेना के किसी भी धावक पर डोपिंग का कोई मामला दर्ज नहीं है। मैराथन को लेकर प्रशासनिक तैयारियां शुरू हो चुकी हैं, जिसमें किलोमीटर बोर्ड, स्टेडियम भवन और संबंधित परिसरों की रंगाई-पुताई शामिल है। आयोजन की पहली उच्चस्तरीय बैठक जिलाधिकारी के साथ निर्धारित है, जिसमें ऑनलाइन पंजीकरण की तारीख और अधिकारियों की तैनाती पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

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