Glasgow News: ग्लासगो कॉमनवेल्th गेम्स के 10वें दिन भारतीय खिलाड़ियों ने मुक्केबाजी, जूडो और एथलेटिक्स में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। भारत 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज मेडल सहित कुल 39 पदक जीतकर मेडल तालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गया है।
भारतीय मुक्केबाजों का रिंग में दिखा जबरदस्त जलवा
भारतीय मुक्केबाजों ने रिंग में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 7 गोल्ड मेडल अपने नाम किए। महिला वर्ग में जैसमीन लंबोरिया, प्रीति पवार, साक्षी चौधरी, अरूंधति चौधरी और प्रिया घंघास ने स्वर्ण पदक हासिल किए। वहीं ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।
पुरुष वर्ग के बॉक्सिंग मुकाबलों में सचिन सिवाच और अंकुश ने गोल्ड मेडल अपने नाम किए। इसके अलावा जादूमणि सिंह और नरेंदर बेरवाल ने सिल्वर मेडल जीता। भारत ने इससे पहले 2018 गोल्ड कोस्ट खेलों में मुक्केबाजी में कुल सात पदक जीते थे।
जूडो और पैरा एथलेटिक्स में भारत ने रचा इतिहास
जूडो में उन्नति शर्मा ने 63 किग्रा वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत के शानदार अभियान को जारी रखा। इससे पहले हर्ष सिंह और अस्मिता डे ने स्वर्ण तथा यामिनी मौर्य ने रजत पदक जीता था। जूडो में भारत का यह रिकॉर्ड चौथा पदक है।
पैरा गोला फेंक स्पर्धा में सोमन राणा ने सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता। इसी स्पर्धा में शुभम जुयाल ने सिल्वर मेडल हासिल किया। पुरुषों की ट्रिपल जंप में प्रवीण चित्रावेल ने सिल्वर और सेल्वा प्रभु तिरुमरन ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
गुलवीर सिंह ने बनाया एथलेटिक्स में ‘डबल’ रिकॉर्ड
लॉन्ग-डिस्टेंस रनर गुलवीर सिंह ने 5000 मीटर रेस में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। वह एक ही कॉमनवेल्थ गेम्स के एथलेटिक्स में दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। इससे पहले उन्होंने 10000 मीटर स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता था।
अन्य मुकाबलों में पैरा एथलीट रमेश शनमुगम 1500 मीटर फाइनल में सातवें स्थान पर रहे। महिलाओं की 10,000 मीटर पैदल चाल में प्रियंका गोस्वामी चौथे स्थान पर रहीं, जबकि रवीना को अयोग्य घोषित कर दिया गया। रविवार को प्रतियोगिता के अंतिम दिन भारत मेडल संख्या बढ़ा सकता है।