Sports News: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय पैरा एथलीटों ने नया इतिहास रच दिया है। पुरुषों की 100 मीटर T47 स्पर्धा के फाइनल में दिलीप महादू गावित ने स्वर्ण और मोहम्मद बासिल ने रजत पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया।
दिलीप गावित ने 10.71 सेकेंड का समय निकालकर नया कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड बनाते हुए पहला स्थान हासिल किया। वहीं मोहम्मद बासिल ने 10.83 सेकेंड का समय निकालकर रजत पदक जीता। इंग्लैंड के केविन सैंटोस को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
400 मीटर के धावक ने 100 मीटर में रचा इतिहास
महाराष्ट्र के नासिक निवासी दिलीप का मुख्य इवेंट 400 मीटर है। हालांकि इस बार खेलों में 400 मीटर स्पर्धा शामिल नहीं होने के कारण उन्होंने 100 मीटर में भाग लिया। गुरु पूर्णिमा पर उन्होंने अपना स्वर्ण पदक अपने कोच वैजनाथ काले को समर्पित किया।
दिलीप ने कहा कि वह कभी गांव में खेती का काम करते थे। उनके कोच ने प्रतिभा पहचानकर उन्हें नासिक में ट्रेनिंग दी और खर्च उठाया। ग्लासगो खेलों में मीराबाई चानू और शर्मिला ढांकर के बाद दिलीप भारत के तीसरे स्वर्ण पदक विजेता बने।
केरल के बासिल ने परिवार को समर्पित किया पहला पदक
केरल के रहने वाले मोहम्मद बासिल के लिए यह पहला अंतरराष्ट्रीय पदक है। उन्होंने यह सफलता अपने परिवार और कोच को समर्पित की। बासिल ने बताया कि उनके दोनों भाई भी दिव्यांग हैं और पूरे परिवार ने बहुत संघर्ष किया है।
इन दो पदकों के साथ भारत की तालिका में 3 स्वर्ण, 9 रजत और 3 कांस्य सहित कुल 15 पदक हो गए हैं। भारत अंक तालिका में आठवें स्थान पर है। T47 कैटेगरी उन एथलीटों के लिए होती है जिनके एक हाथ की कार्यक्षमता में कमी होती है।