New Delhi News: साल 2026 में रक्षाबंधन के त्योहार पर अग्नि पंचक का प्रभाव रहेगा। सनातन पंचांग के अनुसार यह पंचक 27 अगस्त की दोपहर से शुरू होकर 1 सितंबर की सुबह तक चलेगा। पंचक काल में भी बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांध सकती हैं, क्योंकि इसमें कोई धार्मिक मनाही नहीं है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब पंचक का आरंभ गुरुवार या मंगलवार से होता है, तो उसे अग्नि पंचक कहते हैं। इस दौरान आग लगने, दुर्घटना या वित्तीय नुकसान की आशंका बनी रहती है। इसलिए नए निर्माण कार्य, नई मशीनरी की खरीद और औजारों के इस्तेमाल से बचने की सख्त सलाह दी जाती है।
अग्नि पंचक में खरीदारी और बड़े शुभ कार्यों पर पाबंदी
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन पांच दिनों में विवाह, गृह प्रवेश और मुंडन जैसे बड़े मांगलिक आयोजन करना वर्जित माना जाता है। इसके अलावा लकड़ी, लोहा, पलंग या चारपाई और नए वस्त्रों की खरीदारी से भी बचना चाहिए। हालांकि, कोर्ट केस या पुराने विवादों को सुलझाने के लिए यह समय काफी अनुकूल रहता है।