Shimla News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने शिमला में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने पूर्व विधायक होशियार सिंह मामले, दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन और सांसद कंगना रनौत की बयानबाजी पर खुलकर अपनी बात रखी और राज्य सरकार का रुख स्पष्ट किया।
होशियार सिंह मामले पर नरेश चौहान का बयान
पूर्व विधायक होशियार सिंह प्रकरण पर बोलते हुए नरेश चौहान ने स्पष्ट किया कि उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। होशियार सिंह के भाई और भतीजे ने ही पुलिस के सामने सारी जानकारी रखी है। इस पूरे मामले में कांग्रेस पार्टी का कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि मामला धोखाधड़ी से जुड़ा है और विजिलेंस निष्पक्ष जांच कर रही है।
जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन बना राष्ट्रीय आंदोलन
जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के आंदोलन को नरेश चौहान ने पूरे देश की आवाज बताया। उन्होंने पुलिस बल प्रयोग की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि निहत्थे छात्रों पर कार्रवाई लोकतंत्र के सिद्धांतों के खिलाफ है। देश का युवा मौजूदा शिक्षा प्रणाली में सुधार चाहता है। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग भी की।
नरेश चौहान ने कहा कि राहुल गांधी लगातार युवाओं, किसानों और गरीबों की समस्याओं को उठा रहे हैं। सोनम वांगचुक के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि जनता के भारी दबाव के कारण सरकार को अपना फैसला बदलना पड़ा। उन्होंने उम्मीद जताई कि आंदोलन कर रहे सभी युवाओं का स्वास्थ्य ठीक रहेगा और उनकी जायज मांगों को सुना जाएगा।
सांसद कंगना रनौत की राजनीतिक टिप्पणियों पर निशाना
सांसद कंगना रनौत के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए नरेश चौहान ने कहा कि वह किसी भी गंभीर मुद्दे पर गंभीरता से बात नहीं करती हैं। उन्होंने सलाह दी कि नेताओं को छात्रों के आंदोलन के पीछे छिपी भावनाओं और असल मुद्दों को समझना चाहिए। ऐसे संवेदनशील विषयों पर गैर-जिम्मेदाराना राजनीतिक बयानबाजी करने से सभी को बचना चाहिए।