Lucknow News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती ने महर्षि वाल्मीकि जयंती पर देश-प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। सीएम योगी ने सोशल मीडिया पर एक खुला पत्र साझा कर युवाओं से किसी भी प्रकार का भेदभाव न मानने और सामाजिक समरसता का संकल्प लेने का आह्वान किया।
महर्षि वाल्मीकि जयंती के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने देश और प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। इस विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए एक खुला पत्र साझा करते हुए समाज और युवाओं के नाम संदेश दिया है।
युवाओं से भेदभाव न मानने का संकल्प लेने की अपील
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने खुले पत्र में युवाओं से विशेष रूप से आह्वान किया है कि वे युवा ऊर्जा के प्रेरणा पुंज भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें। उन्होंने कहा कि युवाओं को यह संकल्प लेना चाहिए कि वे समाज में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं मानेंगे। जब मन से ऊंच-नीच की दीवारें टूटेंगी, तभी एक वास्तविक समरस समाज का स्वप्न साकार होगा। उन्होंने सामाजिक समरसता, न्याय और मानवता के उद्घोषक आदिकवि महर्षि वाल्मीकि की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए सभी को अनंत शुभकामनाएं दीं।
‘रामायण’ और रामराज्य के आदर्शों पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने अपनी अमर कृति ‘रामायण’ के माध्यम से सत्य, धर्म, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा का जो संदेश दिया है, वह युगों-युगों तक समाज का मार्गदर्शन करता रहेगा। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि रामराज्य की परिकल्पना प्रत्येक व्यक्ति के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण पर आधारित होती है। आज उत्तर प्रदेश सरकार महर्षि वाल्मीकि के इन्हीं प्रेरणादायी आदर्शों को आत्मसात करते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान और विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।