Rewari News: त्योहारी सीजन में मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने विभिन्न स्थानों पर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कसौला चौक स्थित डेयरी से 281 किलोग्राम संदिग्ध घी जब्त किया गया। साथ ही दूध, मावा और मिल्क केक के नमूने लेकर जांच के लिए मधुबन स्थित प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
त्योहारी सीजन को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट की रोकथाम के लिए सघन जांच अभियान चलाया। सोमवार को दिनभर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित गोदामों, डेयरियों और दुकानों पर छापेमारी कर खाद्य उत्पादों के नमूने लिए गए। इस दौरान गुणवत्ता संदिग्ध पाए जाने पर 281 किलोग्राम घी जब्त कर सीज किया गया।
गोदामों और दुकानों से लिए गए मावा व मिठाइयों के नमूने
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कार्रवाई की शुरुआत साधुशाह नगर स्थित एक गोदाम से की। यहां रखे खोया, मिल्क केक और दूध की जांच की गई तथा मिलावट के संदेह में इनके नमूने लिए गए। इसके बाद धारूहेड़ा चुंगी स्थित गोदाम से मिल्क केक और कालाका रोड स्थित सरस्वती विहार के गोदाम से खोया के नमूने एकत्रित किए गए।
वहीं कसौला चौक पर स्थित मिठाई की दुकान से खोया और पास की एक डेयरी से घी का नमूना लिया गया। इसी डेयरी में रखे 281 किलोग्राम घी की गुणवत्ता संदिग्ध प्रतीत होने पर अधिकारियों ने उसे तुरंत जब्त कर सीज कर दिया। एकत्र किए गए सभी सैंपलों को जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला मधुबन भेज दिया गया है।
100 से अधिक प्रतिष्ठानों की जांच, रिपोर्ट पर होगी कार्रवाई
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि त्योहारी सीजन में उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ रोकने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। जिले में अब तक 100 से अधिक व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर नमूने लिए जा चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मधुबन लैब से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमों के अनुसार संबंधित व्यापारियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लेबलिंग नियमों का पालन और सतर्कता बरतने की अपील
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे कम दाम के प्रलोभन में आकर संदिग्ध गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ न खरीदें। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता स्वाद और रंग से भी गुणवत्ता की प्रारंभिक पहचान कर सकते हैं। इसके साथ ही विक्रेताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे पैकेटबंद उत्पादों पर निर्माण तिथि, उपयोग की अंतिम तिथि, गुणवत्ता विवरण और मूल्य अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करें।