Shimla News: हिमाचल प्रदेश में पंचायत और जिला परिषद चुनाव के नतीजों को लेकर कांग्रेस पार्टी में आत्ममंथन शुरू हो गया है। प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने माना कि नतीजे पार्टी के अनुकूल नहीं रहे हैं। उन्होंने संगठन स्तर पर हार के कारणों की गंभीर समीक्षा करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
रोहित ठाकुर ने कहा कि शिमला हमेशा से कांग्रेस का मजबूत गढ़ रहा है। ऐसे में यहां पार्टी का कमजोर प्रदर्शन चिंता का विषय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे पर प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार से बात करेंगे। पंचायती राज संस्थाएं पार्टी का जमीनी आधार हैं, इसलिए इन परिणामों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि केवल शिमला ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य में नतीजे पार्टी के लिए संतोषजनक नहीं रहे हैं। भविष्य की राजनीतिक चुनौतियों को देखते हुए संगठन की कमियों को समय रहते दूर करना बेहद जरूरी है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के बयान पर पलटवार करते हुए उन्होंने भाजपा को अपना कार्यकाल याद रखने की सलाह दी।
साक्षरता में देश में दूसरे स्थान पर पहुंचा हिमाचल प्रदेश
शिक्षा मंत्री ने हिमाचल के साक्षरता में देश में दूसरा स्थान पाने को गर्व का विषय बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1947 में प्रदेश की साक्षरता दर पांच फीसदी से भी कम थी। उस दौर में सीमित संसाधनों के बीच पहले मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार, शिक्षकों और सभी दलों के सामूहिक प्रयासों से यह मुकाम हासिल हुआ है।
अपने दिल्ली दौरे और कैबिनेट बैठक को लेकर उन्होंने कहा कि वह विभागीय काम से दिल्ली गए थे। वहां नेताओं से सामान्य शिष्टाचार भेंट हुई, जिसे राजनीति से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। वह कैबिनेट के लिए शिमला लौटे थे, लेकिन बैठक रद होने की जानकारी शाम को मिली, जिसके चलते बैठक नहीं हो सकी।