Shimla News: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन सोमवार को भी सदन की कार्यवाही हंगामेदार रहने की पूरी संभावना है। सत्तापक्ष और विपक्षी दल भाजपा के बीच सियासी तनाव बना हुआ है। दोनों दलों के बीच सदन सुचारू रूप से चलाने को लेकर कोई सहमति नहीं बन पाई है।
सोमवार दोपहर 2 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी भाजपा अपने-अपने विधायक दल की बैठक में रणनीति तैयार करेंगे। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू वाराणसी दौरे से लौटकर सदन में मौजूद रहेंगे। वहीं, भाजपा सदन में झूठे बयानों को लेकर माफी मांगने की मांग पर अड़ी है।
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने साफ किया है कि सदन का संचालन नियमों के तहत होगा, लेकिन चर्चा के लिए दोनों पक्षों में सहमति जरूरी है। यदि दोनों दल किसी नतीजे पर नहीं पहुंचते हैं, तो वह सदन चलाने के लिए अपने स्तर पर जरूरी और सख्त निर्णय लेंगे।
सदन की कार्यवाही चलने पर पंचायती राज और शिमला में पैदल चलने वालों के अधिकारों से जुड़े संशोधित विधेयक पेश किए जाएंगे। इसके अलावा प्रश्नकाल में खराब सड़कों और राशन डिपो में दालों की कमी जैसे 83 जरूरी सवाल लगे हैं। हालांकि, गतिरोध बरकरार रहने पर कार्यवाही प्रभावित हो सकती है।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार शुरू से ही झूठ की राजनीति कर रही है और मुख्यमंत्री को सदन में माफी मांगनी चाहिए। वहीं, संसदीय कार्यमंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि भाजपा जनहित के मुद्दों पर गंभीर नहीं है, जबकि सरकार हर जरूरी विषय पर सार्थक चर्चा के लिए तैयार है।