Shimla News: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सेशन के दूसरे दिन की शुरुआत काफी हंगामेदार रही। सदन की कार्यवाही से पहले ही परिसर में कांग्रेस और भाजपा विधायकों के बीच जोरदार टकराव देखने को मिला। इसके बाद सदन में दिवंगत पूर्व विधायकों को भावभीनी श्रद्धांजलि देकर कार्यवाही शुरू की गई।
सत्र की शुरुआत में दिवंगत पूर्व विधायकों के लिए शोकोद्गार रखा गया। सबसे पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, फिर विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने अपनी बात रखी। इसके बाद कैबिनेट मंत्रियों और अन्य विधायकों ने बारी-बारी से दिवंगत नेताओं को याद करते हुए उनके प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
इससे पहले विधानसभा परिसर में दोनों दलों के नेताओं के बीच कड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। मुख्यमंत्री सुक्खू के नेतृत्व में सत्ता पक्ष के विधायकों ने हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस मेंबर्स ने भारतीय जनता पार्टी पर सदन के भीतर राष्ट्रगान का अपमान करने का बड़ा आरोप लगाया।
जवाब में भाजपा विधायक दल ने भी परिसर में मोर्चा खोलते हुए सरकार विरोधी पोस्टर लहराए। विपक्षी नेताओं ने सरकार पर पंचायती राज संस्थाओं के राजनीतिक शोषण और अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनाव लटकाने का आरोप लगाया। इस दौरान सत्ता पक्ष ने “पेपर चोर कहां मिलेंगे, बीजेपी के दफ्तर में” जैसे तीखे नारे लगाए।
सदन के बाहर और भीतर दोनों तरफ से हुए इस सियासी घमासान ने सत्र के माहौल को गरमा दिया है। दोनों दल एक-दूसरे पर गंभीर राजनीतिक आरोप लगा रहे हैं। विरोध प्रदर्शनों और नारेबाजी के चलते मानसून सत्र के आने वाले दिनों में भी तीखी राजनीतिक नोकझोंक जारी रहने के पूरे आसार हैं।