Delhi News: सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय पहचान संबंधी दस्तावेजों में धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में गिरफ्तार चीनी नागरिक लियू फेंगफेई को जमानत देने से इनकार कर दिया है। उसे नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार किया था। शीर्ष अदालत ने मामले की सुनवाई छह महीने के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया है।
बीमार मां के आधार पर मांगी गई थी अंतरिम जमानत
जस्टिस जेबी पार्डीवाला और के. विनोद चंद्रन की पीठ ने जमानत याचिका खारिज की। आरोपी के वकील ने दलील दी कि चीन में उसकी मां गंभीर रूप से बीमार हैं और अस्पताल में भर्ती हैं। इसलिए उसे परिवार से मिलने जाने के लिए जमानत दी जानी चाहिए। हालांकि, अदालत ने इस आधार को राहत के लिए अपर्याप्त माना।
प्रत्यर्पण संधि न होने से देश छोड़ने का खतरा
सरकारी पक्ष का प्रतिनिधित्व कर रहीं अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अर्चना पाठक दवे ने कहा कि मामले में 36 गवाहों के बयान दर्ज किए जाने हैं। इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी चीन के साथ भारत की प्रत्यर्पण संधि न होने और आरोपी के देश छोड़कर भागने की आशंका के चलते जमानत देने से साफ मना कर दिया था।