New Delhi News: सुप्रीम कोर्ट सोमवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हो गया है। इस याचिका में कहा गया है कि जंतर-मंतर अब विरोध-प्रदर्शनों के लिए सही जगह नहीं रह गया है। वहां लगातार होने वाले प्रदर्शनों से स्थानीय निवासियों और जरूरी सेवाओं की सप्लाई में बाधा आती है।
चीफ जस्टिस की बेंच ने केंद्र सरकार को जारी किया नोटिस
चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने इस याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने केंद्र सरकार और अन्य पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। बेंच ने कहा कि याचिका में लोगों की आवाजाही और मेडिकल सेवाओं से जुड़ी बेहद महत्वपूर्ण चिंताएं उठाई गई हैं।
सॉलिसिटर जनरल से मांगा जवाब और वैकल्पिक जगह की मांग
अदालत ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से निर्देश लेने का आदेश दिया है। यह याचिका 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए हिंसक प्रदर्शन और पुलिस से हुई झड़प के बाद दाखिल की गई है। इस घटना से पूरे इलाके की ट्रैफिक व्यवस्था और आम जनजीवन प्रभावित हुआ था।