मेदांता में सोनम वांगचुक से मिले विपक्षी सांसद, अनशन खत्म करने की अपील के साथ संसद में मुद्दा उठाने का दिया आश्वासन

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Gurugram News: विपक्षी सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मिलने मेदांता अस्पताल पहुंचा। सांसदों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि उनका संदेश पूरे देश में पहुंच चुका है। प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें संसद में मुद्दा उठाने का आश्वासन देते हुए अनशन खत्म करने की अपील की।

छात्रों के आंदोलन और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली को समर्थन

सोनम वांगचुक परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों की मांग के समर्थन में 25 दिनों से अनशन कर रहे हैं। मेदांता अस्पताल पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा, तृणमूल कांग्रेस सांसद सागरिका घोष और माकपा सांसद जॉन ब्रिटास शामिल थे। उन्होंने वांगचुक और उनकी पत्नी से मुलाकात की।

सांसदों ने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली का संघर्ष राष्ट्रीय मुद्दा बन गया है। प्रतिनिधिमंडल ने एक पत्र में कहा कि युवाओं को उनके बलिदान से ज्यादा उनके ज्ञान और मार्गदर्शन की जरूरत है। देश को उनकी सेवा और आने वाली पीढ़ियों के लिए काम करने के लिए उनकी आवश्यकता है।

संसद में शिक्षा सुधार का मुद्दा उठाने का वादा

तृणमूल सांसद सागरिका घोष ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों के आंदोलन को पूरा समर्थन देते हुए अनशन खत्म करने की पुरजोर अपील की है। सांसदों ने कहा कि वे संसद में इस अभियान और शिक्षा सुधार के मुद्दों को आगे बढ़ाएंगे। वांगचुक के निस्वार्थ समर्पण ने लाखों लोगों को प्रेरित किया है।

विपक्षी नेताओं ने प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा की मांग करने का भी भरोसा दिया। उन्होंने पत्र में लिखा कि वे सरकार से आग्रह करेंगे कि शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन से जुड़े लोगों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई या प्राथमिकी न दर्ज की जाए और न ही किसी प्रशासनिक कदम को आगे बढ़ाया जाए।

इस पत्र पर शशि थरूर, कपिल सिब्बल और राम गोपाल यादव समेत कई प्रमुख विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। इससे पहले वांगचुक ने कहा था कि यदि सांसद शिक्षा क्षेत्र में जवाबदेही का मुद्दा मानसून सत्र में उठाने का आश्वासन दें, तो वे अपना अनशन खत्म कर देंगे।

जंतर-मंतर से मेदांता अस्पताल तक का पूरा घटनाक्रम

कॉकरोच जनता पार्टी के ‘संसद चलो’ मार्च पर पुलिस कार्रवाई के बाद वांगचुक ने अनशन जारी रखने की घोषणा की थी। वह 28 जून को छात्रों के समर्थन में अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे थे। वे परीक्षा में जवाबदेही, शिक्षा में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

दिल्ली पुलिस ने 18 जुलाई को सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया था। इसके बाद दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश पर उन्हें मंगलवार को मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। फिलहाल अस्पताल में उनका इलाज जारी है और विपक्षी नेता उनसे संपर्क में हैं।

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