Delhi News: छात्रों के समर्थन में पिछले 25 दिनों से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचे 15 विपक्षी सांसदों को पुलिस ने मेदांता अस्पताल के प्रवेश द्वार पर रोक दिया। इसके विरोध में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह के नेतृत्व में सभी नेता अस्पताल गेट पर धरने पर बैठ गए।
हंगामे के बाद पहुंची मेडिकल टीम ने बताया कि सिर्फ करीबी रिश्तेदार ही मरीज से मिल सकते हैं। इसके बाद सांसद वहां से लौट गए। वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने कहा कि सोनम ने सरकार को पत्र लिखकर अपनी प्रमुख मांगें भेजी हैं और सरकार को जल्द ही इन मांगों को तुरंत स्वीकार करना चाहिए।
वांगचुक ने सरकार के सामने रखीं अनशन खत्म करने की शर्तें
सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्रियों को चिट्ठी लिखकर अपनी तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली मांग पेपर लीक से पीड़ित परिवारों को मुआवजा देना है। दूसरी मांग संसद में जवाबदेही तय करने पर बहस और तीसरी मांग शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर विचार करना है। आश्वासन मिलने पर ही वे अपना अनशन समाप्त करेंगे।
वांगचुक ने 20 जुलाई 2026 के ‘चलो संसद’ मार्च के प्रदर्शनकारियों पर कोई कानूनी केस न चलाने का लिखित आश्वासन भी मांगा है। वहीं मेदांता अस्पताल ने हेल्थ बुलेटिन जारी कर बताया कि वांगचुक को आईसीयू में रखा गया है। उनकी हालत पूरी तरह स्थिर है और विशेषज्ञ डॉक्टर उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए हैं।