Noida News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में शिकायतकर्ता ने 15 वर्षीय नाबालिग लड़की समेत अन्य के खिलाफ दर्ज शिकायत वापस ले ली है। शिकायतकर्ता का कहना है कि लड़की द्वारा माफी मांगने और प्रधानमंत्री द्वारा उसे माफ किए जाने के बाद यह कदम उठाया गया है।
गाजियाबाद के वसुंधरा की रहने वाली और सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता स्मृति सिंह ने शुरुआत में आठ लड़कियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें नोएडा की रहने वाली नाबालिग मुख्य आरोपी थी। नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में दी गई शिकायत के आधार पर 29 जुलाई को एक शून्य प्राथमिकी (Zero FIR) दर्ज की गई थी।
भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में दर्ज हुआ था मामला
अधिवक्ता स्मृति सिंह के अनुसार यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352, 353(1) और 356(1) के तहत दर्ज किया गया था। प्रधानमंत्री द्वारा सार्वजनिक रूप से माफी दिए जाने की अपील के बाद सभी आरोपी लड़कियों ने सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड कर अपनी गलती के लिए माफी मांग ली।
शिकायतकर्ता ने बताया कि माफी मांगे जाने के बाद उन्होंने दिल्ली पुलिस और क्राइम ब्रांच को शिकायत वापस लेने की जानकारी दे दी है। इस बीच नोएडा के सेक्टर-168 स्थित सोसाइटी से नाबालिग लड़की और उसका परिवार फिलहाल अनुपस्थित है। सुरक्षा गार्ड्स के मुताबिक पुलिस की आवाजाही के बाद परिवार ने मिलना-जुलना कम कर दिया था।
स्थानीय पुलिस ने उत्पीड़न के आरोपों को नकारा
नोएडा के एक्सप्रेसवे थाना पुलिस अधिकारी ने स्पष्ट किया कि उन्हें परिवार के उत्पीड़न के संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है। पुलिस के अनुसार घटना दिल्ली में होने के कारण जीरो एफआईआर दर्ज कर मामला दिल्ली पुलिस को सौंप दिया गया था। पुलिस का अनुमान है कि परिवार फरीदाबाद चला गया है।