Noida News: जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाली नोएडा की नाबालिग को माफी के बाद भी धमकियां मिल रही हैं। सुरक्षा कारणों से परिवार को बीते कुछ दिनों में तीन बार अपना मकान बदलना पड़ा है। नाबालिग और उसकी मां को लगातार धमकियां दी जा रही हैं।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक नाबालिग के वकील अनिल कुमार ने बताया कि सोशल मीडिया पर चल रही खबरें पूरी तरह झूठी हैं। लड़की की उम्र 15 साल है और वह दिल्ली ओपन स्कूल से 10वीं की पढ़ाई कर रही है। वकील ने लड़की के सैलून वर्कर होने या उसका नाम ‘रुचिका’ होने के दावों को पूरी तरह खारिज किया है।
घर का पता सार्वजनिक होने से बढ़ी मुश्किलें
वकील ने बताया कि नाबालिग की मां सिंगल पैरेंट हैं और ट्यूशन पढ़ाकर अपना गुजारा करती हैं। एफआईआर में घर का पता सामने आने के बाद कुछ असामाजिक तत्वों और राजनीतिक संगठनों से जुड़े लोगों ने उनके घर पहुंचकर जान से मारने और बलात्कार की धमकियां दीं। इसी खतरे को देखते हुए परिवार को बार-बार अपना ठिकाना बदलना पड़ा।
इससे पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर नाबालिग ने सार्वजनिक तौर पर देशवासियों से माफी मांगी थी। उसने कहा कि वह अपने दोस्तों के साथ जंतर-मंतर गई थी, जहां लोगों के बहकावे में आकर उससे यह गलती हुई। नाबालिग ने कहा कि उसने यह वीडियो खुद सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं किया था और वह अपनी इस हरकत पर बेहद शर्मिंदा है।
नोएडा में शिकायत के बाद दिल्ली पुलिस को भेजी गई जीरो FIR
इस मामले में गाजियाबाद की स्मृति सिंह की शिकायत पर नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप था कि लड़की ने संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर शून्य प्राथमिकी दर्ज कर मामले की आगे की जांच के लिए फाइल दिल्ली पुलिस को सौंप दी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गुमराह बच्चों को माफ करने की बात कही
मामला दर्ज होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश जारी कर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान अपशब्द कहने वाले गुमराह बच्चों को माफ करने की बात कही। पीएम ने कहा कि समाज का आक्रोश समझना स्वाभाविक है, लेकिन यह समय ऐसे बच्चों को अपनाने और उन्हें सही राह दिखाने का है।