Delhi News: नीट पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। राहुल गांधी के नेतृत्व में मंगलवार को हुए पीएम आवास प्रदर्शन के बाद, बुधवार को कांग्रेस, सपा और टीएमसी के सांसद सुरक्षाबलों की कथित बदसलूकी के खिलाफ संसद में काले कपड़े पहनकर पहुंचे।
काले कपड़ों में संसद पहुंचीं कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि हमारे साथ जो हुआ वह अहम नहीं है, लेकिन छात्रों का संघर्ष जायज है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का बजट 1.4 लाख करोड़ रुपये है, जबकि उद्योगपतियों के 16 लाख करोड़ रुपये के कर्ज माफ हो रहे हैं। छात्र केवल अपना हक मांग रहे हैं।
विपक्षी दिग्गजों ने सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि नियम के तहत सदन नहीं चल रहा है। उन्होंने कहा कि बीजेपी और आरएसएस के लोग छात्रों को डरा रहे हैं। हमारे बड़े नेताओं को कुचलने की कोशिश होगी तो लाखों लोग आएंगे। राहुल और प्रियंका गांधी के साथ किया गया व्यवहार बिल्कुल गलत था।
कांग्रेस सांसद के. सुरेश और प्रमोद तिवारी ने बताया कि काले कपड़े पहनकर मकर द्वार पर प्रदर्शन पुलिस की बर्बरता का जवाब है। आरजेडी सांसद संजय यादव ने बेरोजगारी और पेपर लीक पर सवाल उठाए। वहीं केसी वेणुगोपाल और पवन खेड़ा ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।