Delhi News: देश में पहाड़ों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक मूसलधार वर्षा तबाही मचा रही है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। हादसों, बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में कई लोगों की जान जा चुकी है ।
हिमाचल में भीषण हादसा और भूस्खलन से तबाही
हिमाचल प्रदेश में जारी भारी बारिश के बीच सोमवार देर रात बड़ा हादसा हो गया। पठानकोट-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर लाहड़ के पास एक कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। कार सवार लोग पीजीआई चंडीगढ़ से तीन महीने के बच्चे का इलाज कराकर लौट रहे थे।
इस भीषण दुर्घटना में मासूम समेत एक ही परिवार के पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। उधर, चंबा में भूस्खलन होने से करीब 20 वाहन मलबे में दब गए। द्रमण पंचायत के ओबड़ी मोहल्ले में मकान पर भारी मलबे के साथ चट्टानें गिर गईं। शहर में करीब 100 घरों में मलबा घुस गया ।
राज्य में बारिश के कारण 108 मुख्य मार्ग और कई संपर्क सड़कें पूरी तरह बंद हैं। बांडीपोरा में बादल फटने से निचले इलाकों में अचानक बाढ़ आ गई। कई लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई और सुरक्षित स्थानों पर शरण ली है।
बुलंदशहर में खुले नाले में गिरी बच्ची, उत्तराखंड में यात्रा स्थगित
उत्तर प्रदेश में बारिश से जुड़ी घटनाओं में तीन लोगों की मौत हुई है। बुलंदशहर में नगर पालिका की लापरवाही के कारण खुले नाले में गिरने से चौथी कक्षा की छात्रा चारू लापता हो गई। बारिश के बाद सड़क और नाले में पानी भरने से फर्क पता नहीं चल सका ।
जिलाधिकारी कुमार हर्ष के अनुसार प्रथम दृष्टया स्कूल प्रबंधन की लापरवाही सामने आई है। संभल में भी मकान की दीवार गिरने से ताई-भतीजी की दुखद मौत हो गई। उत्तराखंड में मूसलधार बारिश के चलते चारधाम यात्रा को दो दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया है।
यात्रियों को उनके सुरक्षित पड़ावों पर ही रोक दिया गया है। मौसम में सुधार होने के बाद गुरुवार को यात्रा दोबारा शुरू करने पर विचार किया जाएगा। देहरादून के प्रेमनगर में नंदा की चौकी पुल की एप्रोच रोड की मिट्टी बहने से सड़क का एक हिस्सा धंस गया।
असम में बाढ़ का प्रकोप और देश के मौसम का हाल
असम में बाढ़ की भयावह स्थिति से सात और लोगों की जान चली गई। राज्य में मृतकों की कुल संख्या बढ़कर 75 हो गई है। हालांकि बाढ़ के प्रभाव में कुछ कमी आई है, लेकिन अब भी 3.32 लाख लोग इससे प्रभावित हैं। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व सरमा ने पीड़ितों के लिए राहत नियमों में ढील दी है ।
असम के सात जिलों के 622 गांव अब भी जलमग्न हैं। प्रभावित लोगों को शरण देने के लिए राज्य भर में 81 राहत शिविर चलाए जा रहे हैं। मौसम विभाग ने 3 अगस्त तक हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पश्चिमी यूपी और पूर्वी राजस्थान में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है ।
इसके साथ ही पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 31 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट जारी है। जम्मू-कश्मीर के 10 जिलों में 1 अगस्त तक ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है। लोगों को नदी-नालों और संवेदनशील इलाकों से दूर रहने की हिदायत दी गई है ।