सोशल मीडिया और एल्गोरिदम से न्यायपालिका की स्वतंत्रता को खतरा, जंतर-मंतर के दौर में जस्टिस बागची की चेतावनी

Share

- Advertisement -

New Delhi News: सोशल मीडिया, एल्गोरिदम और मीडिया ट्रायल से न्यायपालिका पर पड़ रहे असर को लेकर सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया ने न्याय को लाइक्स के बाजार में बदल दिया है। जस्टिस बागची CAN फाउंडेशन द्वारा आयोजित 5वें जस्टिस एचआर खन्ना मेमोरियल नेशनल सिम्पोजियम को संबोधित कर रहे थे।

जस्टिस बागची ने कहा कि आज न्यायपालिका की स्वतंत्रता के सामने सबसे बड़ी चुनौती भ्रामक सूचनाएं और एल्गोरिदम-संचालित सामग्री हैं। ये डिजिटल चीजें किसी भी केस में अंतिम फैसला आने से पहले ही जजों के धैर्य की परीक्षा ले रही हैं और जनता की सोच को प्रभावित करने का काम कर रही हैं।

निष्पक्ष न्याय लाइक्स की वेदी पर हो रहा नीलाम

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, जस्टिस बागची ने जजों की ऑनलाइन ट्रोलिंग पर सख्त टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष न्याय प्रक्रिया को लाइक्स की वेदी पर चढ़ाया जा रहा है। यदि कोई जज निष्पक्ष और स्वतंत्र राय रखता है, जो भीड़ को पसंद नहीं आती, तो सोशल मीडिया के बाजार में उसे विलेन बना दिया जाता है।

अदालती कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग पर बोलते हुए जस्टिस बागची ने कहा कि पारदर्शिता के साथ इसके कई अनचाहे दुष्परिणाम भी सामने आए हैं। लाइव स्ट्रीम से छोटे-छोटे अनधिकृत क्लिप काटकर शेयर किए जा रहे हैं। जजों की शुरुआती मौखिक टिप्पणियों को अंतिम फैसला मानकर न्यायपालिका को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जाता है।

जजों को संन्यासी की तरह जीवन जीना चाहिए

जस्टिस बागची ने जजों को गलत सूचनाओं से निपटने के लिए खुद सोशल मीडिया पर आने के विचार को पूरी तरह से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि हमारी परंपरा के मुताबिक जजों को संन्यासी की तरह आचरण करना चाहिए। नया मीडिया सजा के डर से ज्यादा तारीफ का लालच देकर स्वतंत्रता को प्रभावित करता है, जो बेहद खतरनाक है।

उन्होंने चेतावनी दी कि आज न्यायिक स्वतंत्रता के लिए सबसे बड़ा खतरा बिग टेक कंपनियों के मशीन लर्निंग एल्गोरिदम हैं। ये एल्गोरिदम केवल मुनाफे और सनसनी के लिए जनता को न्यायपालिका के खिलाफ भड़काते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि लाइव स्ट्रीमिंग को हर केस में अनिवार्य करने के बजाय जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल करना चाहिए।

Desh Raj
Desh Raj
Please wait....

Read more

Related News